संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में अभी भी हवा की गुणवत्ता निम्न स्तर की है। मंगलवार को सुबह आठ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 297 दर्ज किया गया। बचाव के लिए लोग मुंह पर कपड़ा व मास्क लगाकर घरों से निकले।
हालांकि सुबह के बाद एक्यूआई में सुधार हो गया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। दोपहर 12 बजे एक्यूआई 267 दर्ज किया गया। इसके बाद अपराह्न को चार बजे एक्यूआई 257 और रात आठ बजे 253 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में आ रही गिरावट का असर वातावरण पर सीधेतौर पर पड़ रहा है। वाहनों व अन्य कारकों से उत्सर्जित होने वाला धुंआ भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसका सीधा स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। खिलाड़ियों भी खुले में अभ्यास करने से परहेज कर रहे हैं। बीरूवाला गुढ़ा में बॉक्सिंग कोच सतबीर ने कहा कि मौसम का असर खिलाड़ियों पर पड़ता है। उनकी प्रेक्टिस कठिन होती है। प्रदूषण के कारण खिलाड़ियों को हल्की सी दिक्कत होने पर उन्हें आराम दिया जाता है।
यह भी मुख्य कारक
प्रदूषण के स्तर का असर सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। पराली के मामलों में बढ़ोतरी नहीं होने के बाद भी प्रदूषण बढ़ने के कई कारक सामने आए हैं। खेतों में कटाई और बुआई के कारण मिट्टी के कण हवा में पहुंच रहे हैं। वाहनों के आवागमन का असर भी देखने को मिल रहा है।
तेज हवा या बारिश होने से ही मिलेगी प्रदूषण से निजात
पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में छाए हुए धुएं को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते हैं। कचरे में आग लगाना, पराली में आग लगाना या अन्य प्रकार की आगजनी को हम रोक सकते हैं। वाहनों के धुएं पर कहीं न कहीं रोक लगाई जा सकती है। आसमान में छाई परत को हटाने के लिए दो ही मुख्य कारक है। एक तेज हवा चलना और दूसरा बारिश होना। दोनों ही मौसम को साफ कर सकते हैं।