संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/ डबवाली। धान की कटाई के बाद किसान डीएपी के लिए खरीद केंद्रों के बाहर कतार में हैं। मंगलवार को डबवाली में इफको खरीद केंद्र के बाहर किसानों की भीड़ रही। अलसुबह से ही किसान खरीद केंद्र के बाहर आकर खाद वितरण का इंतजार करने लगे। घंटों के इंतजार के बाद उन्हें दो बैग डीएपी मिली। डीएपी के लिए परेशान किसानों की समस्या को देखते हुए पूर्व विधायक अमित सिहाग व जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने नाराजगी जाहिर की।
किसान ने कहा कि धान की कटाई तेजी से हो रही है और अब गेहूं की बिजाई का समय आ गया है। 10 दिन का ही गेहूं की बिजाई समय बचा है। ऐसे में बिना डीएपी के गेहूं की बिजाई संभव नहीं है। डीएपी को लेकर सरकार की ओर से कोई बेहतर व्यवस्था नहीं बनाई गई है। जिन किसानों को जरूरत है। दो से तीन कट्टे ही डीएपी मिल रही है। शुरुआत में लोगों को 10-10 बैग दी गई है। वहीं, खाद वितरण को लेकर खरीद केंद्रों पर विशेष रूप से अधिकारी मौजूद रहे, ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं हो।
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किसानों को पूरी मात्रा में उपलब्ध करवाई जाए खाद : सिहाग
पूर्व विधायक अमित सिहाग ने खाद की किल्लत और धान की उचित खरीद न होने के चलते सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने चुनाव नतीजे आते ही, शपथ लेने से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंडियों का दौरा किया था। एसीएस स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। आज मुख्यमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक कह रहे हैं कि खाद की कमी नहीं है, जबकि किसानों को खाद को लेने के लिए किसान आठ आठ घंटे लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके बाद एक बैग देकर उनको वापस भेजा जा रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा खाद और गेहूं का बीज उचित मात्रा में उपलब्ध नहीं करवा पाना सरकार की नाकामी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को खाद पूरी मात्रा में उपलब्ध करवाई जाए।
भाजपा का वास्तविक चेहरा जनता के सामने आया : दिग्विजय सिंह
जननायक जनता पार्टी के प्रदेश के प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला ने डीएपी की किल्लत पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के गेहूं बिजाई के सीजन में डीएपी को उपलब्ध नहीं करवा रही, जिससे भाजपा का वास्तविक चेहरा जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता न होना सीधे तौर पर शासकीय व प्रशासकीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए अविलंब पर्याप्त मात्रा में डीएपी की उपलब्धता करवाने की दिशा में कदम उठाएं।