सिरसा। मुख्य सड़कों पर रात के समय घूमते हुए बेसहारा पशु। संवाद
सिरसा। शहर में बेसहारा पशु इन दिनों आमजन के लिए बड़ी परेशानी बन गए है। रात के समय में इनकी संख्या दो गुणा हो जाती है। इनको पकड़ने के लिए नगर परिषद का पशु पकड़ो अभियान जारी है। पशुओं को पकड़कर कर जिले भर की गोशालाओं व नंदीशालाओं में भेजा जा रहा है। 60 किलोमीटर दूरी डबवाली हो या चोपटा, डिंग आदि सभी गोशालाओं में मांग के अनुरूप पशु छोड़े जा रहे हैं।
इस कारण आवागमन में वक्त लगता है। ऐसे में अभी अभियान धीमी गति से चल रहा है। दिवाली के बाद पशु पकड़ो अभियान में तेजी लाई जाएगी। धुंध के समय में मुख्य सड़कों पर हादसा न हो, इसके लिए प्लानिंग बनाकर कार्य किया जाएगा। गोशलाओं और नंदीशालाओं में चार हजार के आसपास पशुओं को भेजा जा चुका है।
इनमें अधिकतर गोशालाओं व नंदीशाला को पशुओं के चारे आदि के लिए गोसेवा आयोग से पैसा मिल रहा है। जिन गोशालाओं व नंदीशाला का पैसा नहीं मिल रहा है। उसका भुगतान नगर परिषद की ओर से प्रति पशु के हिसाब से किया जाता है।
दुधारू पशु बने हुए हैं समस्या
नगर परिषद प्रशासन एक साल से निरंतर पशु पकड़ो अभियान चलाए हुए है। इसके तहत बेसहारा और दुधारू पशुओं दोनों को पकड़ा जाता है। पशुओं के लिए जुर्माना राशि 5100 रुपये रखी गई है। इसके बाद भी दुधारू पशु मालिक अपने पशुओं को खुले में छोड़ने से नहीं कतराते हैं। रानियां चुंगी के आसपास के पॉश एरिया व बाजारों में बड़े स्तर पर दुधारू पशु खुले में घूमते हुए नजर आते हैं। नगर परिषद भी कई बार पशुपालकों को नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद पशुपालकों में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी कारण अब जुर्माना राशि लगाई गई है। इतना ही नहीं, यदि कोई जुर्माना देने के बाद पशु को छुड़वाकर ले जाता है और पशु दोबारा पकड़ा जाता है। उस पशु को फिर से मालिक को नहीं दिया जाता है।
जहां पर मिल रही जगह, वहीं पर भेज रहे पशु
सिरसा शहर की नंदीशालाओं और गोशालाओं में लंबे समय से पशुओं को भेजा जाता रहा हैं। इनकी क्षमता को बढ़ाने का कार्य जारी है। इसी कड़ी में जिले की विभिन्न गोशालाओं से पशु लेने की क्षमता पूछी गई थी। उसी अनुरूप सूची तैयार कर पशुओं को छोड़ा जा रहा है। डिंग मंडी हो या डबवाली पशुओं को भेजा जा रहा है। दूरी को ध्यान में रखते बिना शहर को बेसहारा पशु मुक्त बनाने का प्रयास जारी है।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। धीमी गति से अभियान चल रहा है। पशुओं को जिले में जिस गोशाला के पास जगह है, वहीं छोड़कर आया जा रहा है। 60 किलोमीटर दूरी डबवाली हो या चोपटा, डिंग आदि सभी गोशालाओं में मांग के अनुरूप पशु छोड़े जा रहे हैं। अभियान को त्योहारी सीजन के बाद तेज किया जाएगा।
- सुनील रंगा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।