नगरपालिका में अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ का बड़ा मामला सामने आया है। ठेकेदार दलीप कुमार की ओर से कोर्ट में दाखिल किए गए इस्तगासे पर ऐलनाबाद थाना पुलिस ने ठेकेदार विजय झूंथरा, नगरपालिका ऐलनाबाद के पालिका अभियंता (एमई) संजय बांसल के अलावा अंकुश बांसल व ठेकेदार अजीत भादू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया है।
ठेकेदार दलीप कुमार की ओर से ऐलनाबाद स्थित सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अशोक कुमार की अदालत में दाखिल किए इस्तगासे में बताया कि नगरपालिका की ओर से 13 जुलाई 2023 को टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसमें 5 सोसायटीज ने टेंडर भरें। उसने दी कंवरपुरा सौरव को-ओपरेटिव सोसायटी के नाम पर टेंडर भरा था, जबकि विजय झूंथरा ने दी सिरसा श्रीराधे को-ओपरेटिव सोसायटी के नाम से टेंडर भरा। विजय झूंथरा के भांजे अंकुश ने दी सिरसा अंकुश को-ओपरेटिव सोसायटी के नाम से तथा विजय झूंथरा के भाई बसंत झूंथरा की दी सिरसा सरस्वती को-ओपरेटिव सोसायटी है। इसके अलावा ठेकेदार अजीत भादू की दी ऐलनाबाद गुरु कृपा को-ओपरेटिव सोसायटी है। इस्तगासे में बताया कि आरोपियों ने नगर पालिका ऐलनाबाद के एमई संजय बांसल के साथ मिलकर टेंडर में धांधली की। उसे टेंडर से बाहर निकाल दिया। शिकायत में बताया कि ठेकेदार अंकुश की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेज फर्जी है। शिकायत में आरोप लगाया कि अंकुश को विजय झूंथरा ने लेबर दर्शा रखा है, जबकि अंकुश ने अपनी सोसायटी की करोड़ों रुपये टर्नओवर दर्शा रखी है। कोर्ट में दाखिल इस्तगासे में ठेकेदार अजीत भादू पर भी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में बताया कि डीएमसी सिरसा डायरेक्टर लोकल बॉडिज को शिकायत करने पर उक्त टेंडर रद्द कर दिया गया।