सिरसा। एक तरफ जहां सरकार हिट एंड रन मामलों पर नकेल कसने के लिए सख्त कानून लेकर आई है वहीं सिरसा में दुर्घटना करने के बाद कार चालक द्वारा घायल को अस्पताल पहुंचाने के नाम पर दूसरे गांव में फेंककर फरार होने का मामला सामने आया है। घायल व्यक्ति दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम में बतौर सहायक लाइनमैन के रूप में कार्यरत है। घायल की शिकायत पर सदर सिरसा पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव नाईवाला निवासी जसकरण पुत्र निशान सिंह ने बताया कि वह बिजली निगम एसडीओ जीवन नगर के पास एएलएम के रूप में कार्यरत है। 16 जुलाई को वह गांव धर्मपुरा निवासी अमरीक सिंह के साथ दोपहर लगभग डेढ़ बजे अपने मोटरसाइकिल पर सिरसा से जीवन नगर की ओर जा रहे थे। जब वे भंभूर से आगे गांव नानकपुर के पास पहुंचे तो सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। इसलिए वे धीमी गति से जा रहे थे।
इस दौरान रानियां की तरफ से एक कार आई और उसने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। जिस कारण वह और अमरीक सिंह दोनों मोटरसाइकिल सहित सड़क पर जा गिरे। हादसे में उसकी टांग टूट गई। आसपास के लोगों और सड़क निर्माण करने वाले मजदूरों ने उसे दुर्घटना करने वाले की कार में ही बैठा दिया। कार चालक ने उसके साथ किसी को बैठने नहीं दिया और सिरसा की ओर आने लगा। जब उसने अपनी कार नेजाडेला की ओर मोड़ दी तो उसने बार-बार अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई। कार चालक ने उसे गालियां दी और थप्पड़ मारे। उसे जान से मारने की धमकी भी दी। कार चालक ने गांव नेजाडेला पार करने के बाद उसे खींचकर नीचे गिरा दिया और फरार हो गया। राहगीरों ने उसे छाया में बैठाया और डायल 112 पर सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को सूचित किया। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जसकरण ने पुलिस को कार का नंबर बताया। जिसके बाद पुलिस ने एएलएम जसकरण के बयान के आधार पर शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।