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Sirsa News: बडागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को डबवाली न्यायालय से जोड़ने पर अधिवक्ताओं का विरोध, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

Mon, 04 Dec 2023 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। बडागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को डबवाली न्यायालय से जोड़ने के फैसले का विरोध में सोमवार से जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते विभिन्न न्यायालयों में 816 केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। जिन लोगों के मामले न्यायालयों में लगे हुए थे, उन्हें अगली तारीख लेकर लौटना पड़ा।
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सोमवार सुबह नौ बजे ही न्यायालय के प्रवेश द्वार पर कई अधिवक्ता बैठ गए और निगरानी रखने लगे कि कोई वकील न्यायालय में न जा पाए। अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि अगर कोई वकील न्यायालय में पेश होगा तो उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे जानते हैं कि हड़ताल के कारण न्यायालय में मामलों की सुनवाई बाधित होती है। उन्हें हड़ताल का फैसला मजबूरन लेना पड़ा है क्योंकि बार एसोसिएशन से चर्चा किए बिना ही जिले के बडागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को डबवाली न्यायालय से जोड़ दिया गया है। यह अधिवक्ताओं और दोनों थाना क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों के साथ नाइंसाफी की गई है। जब तक दोनों पुलिस थानों को सिरसा न्यायालय से नहीं जोड़ा जाता, उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।



519 क्रिमिनल और 317 सिविल केस लगे थे



सिरसा सत्र न्यायालय सहित विभिन्न 14 न्यायालयों में सोमवार को 816 मामलों की सुनवाई होनी थी। इनमें 519 क्रिमिनल और 317 सिविल मामले शामिल हैं। जिन लोगों के मामले न्यायालयों में लगे थे, वे सुबह अपने अधिवक्ता की सीट पर पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि आज वकीलों ने हड़ताल है, इसलिए वे कोर्ट में पेश नहीं हो सकते। इसके बाद लोग स्वयं ही कोर्ट में गए और वहां पर उन्हें केस की अगली तारीख दे दी गई।
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चीफ जस्टिस से मिलेगी बार एसोसिएशन: गणेश सेठी



बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट गणेश सेठी का कहना है कि बडागुढ़ा और रोड़ी पुलिस थाना डबवाली न्यायालय से जोड़ने के फैसले के संबंध में सेशन व सीजेएम कोर्ट ने बार एसोसिएशन से न तो चर्चा की और न ही इस बारे में बताया। शनिवार को इस बारे में पता चला। ऐसे में दोनों थानों से जुड़े 716 केस डबवाली कोर्ट में ट्रांसफर की गए हैं। यह फैसला बिल्कुल गलत है। सिरसा बार एसोसिएशन जल्द ही इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व मुख्यमंत्री हरियाणा से मिलेगी। दोनों थानों के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों ने भी फैसले का विरोध किया है और बार एसोसिएशन को पत्र सौंपा है।





अधिवक्ताओं को सिरसा से 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा


बार एसोसिएशन सचिव एडवोकेट प्रयाग राज का कहना है कि इस फैसले से दोनों थाना क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों को नुकसान व परेशानी होगी। वकीलों को भी केस की पैरवी के लिए सिरसा से 60 किलोमीटर दूर डबवाली जाना पड़ेगा। रोड़ी व बडागुढ़ा क्षेत्र के गांवों की दूरी सिरसा से 8 से 30 किलोमीटर है, जबकि डबवाली 55 से 60 किलोमीटर पड़ता है।



यहां लगे थे इतने केस



सत्र न्यायालय में 344

निचले न्यायालय में 407

उपभोक्ता फोरम में 50

नियमित लोक अदालत में 15





सिरसा न्यायालय के अधीन रहे सिर्फ पांच थाने


रोड़ी व बडागुढ़ा थाना सिरसा से अलग होने से सिरसा अदालत के अंतर्गत पांच थाना क्षेत्र ही रह गए हैं और डबवाली में 6 हो गए हैं। डबवाली में तीन अदालत हैं, जबकि सिरसा में सीजेएम सहित 6 निचली अदालत है। नए फैसले से सिरसा अदालत में अब सिविल लाइन, सिटी थाना, सदर सिंह, डिंग व चोपटा थाना क्षेत्र के गांव ही रह गए हैं।





ग्रामीण भी फैसले का जता रहे हैं विरोध
इस फैसले का विरोध दोनों थानों के तहत आने वाले गांवों के ग्रामीण भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनके साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है। सिरसा कोर्ट जाना उनके लिए बेहद आसान है। सिरसा में जब उनके सारे सरकारी काम होते हैं तो उनके कोर्ट केस भी यहां पर ही चलने चाहिए। उनके गांव से डबवाली 60 किलोमीटर दूर है। जाने और आने में ही तीन घंटे लग जाएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए।
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