किसान संगठनों के साथ बैठक करते हुए उपायुक्त अजय सिंह तोमर ।
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सिरसा। अग्निपथ योजना के विरुद्ध चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन से बिगड़ रही कानून व्यवस्था से चिंतित प्रशासन ने किसान नेताओं की आपातकालीन बैठक बुलाकर वार्ता की। उपायुक्त अजय सिंह तोमर और एसपी डॉ .अर्पित जैन द्वारा बुलाई इस बैठक में अधिकारी शामिल रहे।
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े जिले के 12 किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 22 जून से उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया हुआ था। प्रशासन को भय था कि कहीं अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवा किसानों के प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होकर आंदोलन तेज न कर दें।
प्रशासन से हुई बातचीत में 12 किसान संगठनों के नेताओं ने चर्चा की। इस दौरान कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, जसवीर सिंह भाटी, रोशन सुचान, गुरनाम सिंह झब्बर, सुखदेव जम्मू, गुरदास सिंह , प्रकाश ममेरा, आत्मराम सहारण ने बातचीत की। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ भारत सरकार के हुए समझौते अनुसार सिरसा में सभी मुकदमे रद्द करने और खराब हुई फसलों की बकाया राशि का तुरंत भुगतान करने सहित कुल 8 मांगें रखी। इस पर जिला उपायुक्त और एसपी ने कहा कि सिरसा में किसानों पर कुल 23 मुकदमे दर्ज हुए थे। रेलवे पुलिस द्वारा भी अलग से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सरकार के निर्देश पर 22 मुकदमे वापस लिए गए हैं। पर डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर हुए पथराव वाला मुकद्दमा रद्द होना बाकी हैं।
किसान नेताओं ने मांगे पूरी करने की समय सीमा निर्धारित करने की शर्त रखने पर 22 जून का धरना न लगाने पर जिला उपायुक्त और एसपी द्वारा 4 जुलाई तक का समय मांगा गया तो किसान नेता धरना स्थगित करने पर सहमत हो गए। किसान नेता रोशन सुचान ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ प्रशासन को बातचीत के बाद कहा कि जिला प्रशासन ने 4 जुलाई तक मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। 4 जुलाई को फिर से प्रशासन ने किसान नेताओं के साथ बैठक रखी हैं। मांगे पूरी न होने पर 4 जुलाई के बाद आंदोलन की फिर से घोषणा की जाएगी।