पति-पत्नी के आपसी संबंधों के बीच टकराव परिवारों में विघटन एवं दूरियों की वजह बन रहा है। नशे की लत और घरेलू हिंसा वैवाहिक जीवन को तबाह कर रहा है।
महिला थाना और महिला सेल में ऐसे मामलों के अंबार लगे हुए हैं। अगस्त माह में जिला महिला थाना खुलने के बाद से नवंबर माह तक 281 सामले सामने आए हैं, जबकि महिला सेल में जनवरी से लेकर नवंबर तक 825 शिकायतें आई।
इन शिकायतों में अधिकांश मामलों की जड़ में नशा रहा है। महिला सेल के इंचार्ज कृष्णा यादव का कहना है कि सिरसा जिले में कालांवाली, डबवाली, ऐलनाबाद व सिरसा क्षेत्र से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं।
इसके अलावा जो महिलाएं पंजाब में विवाहित हैं वे पति के नशे की लत को लेकर घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। महिला थाना प्रभारी सीमा सोढ़ी का कहना है कि उनका ज्यादा प्रयास दोनों पक्षों को समझाकर दोबारा उनमें विश्वास जगाने का होता है।
259 शिकायतों का निपटारा समझौता करवाकर किया गया। 40 मामलों में दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बनी जिसके बाद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
महिला थाना प्रभारी सीमा सोढ़ी के मुताबिक शराब और शंका ये दो ऐसी वजहें सामने आ रही हैं जिसके कारण बसे बसाए परिवार आए दिन टूट रहे हैं।
महिला थाना पुलिस के प्रयासों से काफी ऐसे परिवारों को बिखरने से बजाया गया है। इससे महिलाओं में महिला थानों के प्रति विश्वास बढ़ा है। इसलिए वे अपनी समस्या के समाधान हेतु फरियाद लेकर निडर होकर आती हैं।
छेड़छाड़ व दुराचार का एक-एक केस खारिज
महिला थाने के शुभारंभ होने के बाद से अब तक दुराचार से संबंधित नौ मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से एक मामले में जांच के दौरान आरोप निराधार पाए गए और इस मामले को रद कर दिया गया। छेड़छाड़ से संबंधित दस शिकायतें आईं हैं। पुलिस महिला संबंधित अपराधों को लेकर जल्द से जल्द अदालत में चालान पेश कर रही है।
तीन महिला होमगार्ड शामिल
थाने में महिला पुलिस की कमी को दूर करते हुए तीन महिला होमगार्ड नियुक्त की गई है। इनकी जिम्मेदारी आवेशित लोगों को शांत करने की है।
कई बार दोनों पक्षों को समझाने के दौरान कुछ लोग आवेश में आ जाते हैं। ऐसे में महिला होम गार्ड ऐसे लोगों महिला पुलिस के साथ मिलकर नियंत्रित करेंगी। इसके अलावा अब शाम के अलावा रात्रि को भी महिला पुलिस बस अड्डा, रेलवे स्टेशन व बाजारों में गश्त करेगी।
शिकायत झूठी निकली तो होगी कार्रवाई
कई बार शिकायतकर्ता महिला द्वारा एफआईआर दर्ज करवाने के बाद जांच में आरोप झूठे पाए जाते हैं। इससे पुलिस का कीमती समय तो खराब होता ही है नामजद शख्स को भी पीड़ा झेलनी पड़ती है।
अब ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी। अगर शिकायतकर्ता के आरोप झूठे निकले तो उल्टा उसके खिलाफ धारा 182 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
सीमा सोढ़ी, महिला थाना प्रभारी, सिरसा
फोटो: सीमा सोढ़ी, महिला थाना प्रभारी, सिरसा।