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पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी बूटाराम पर इसलिए खुद बांट रहा था कार्ड, हादसे में हुई मौत

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राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 पर गांव पंजुआना के निकट शुक्रवार अल सुबह घटित हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने बाइक सवार 2 दोस्तों को जिंदगी निगल ली। जबकि दुर्घटना में मृत एक युवक की मां गंभीर रूप से घायल हो गई। जिस घर में खुशी का माहौल था वहां अब सिर्फ मातम पसरा हुआ है। हादसे के बाद परिजन रो-रो कर एक ही बात कह रहे थे कि काश कार्ड बांटने एक दिन बाद चले जाते तो शायद ये अनहोनी टल जाती।
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गांव अलीपुर टिटूखेड़ा निवासी बूटा राम की शादी 29 सितंबर को राजस्थान के पीलीबंगा में होनी तय थी। जिसके चलते घर में तैयारियां जोरों पर थी। बूटाराम अपनी मां मुख्तयार कौर व दोस्त चकराइयां निवासी गुरप्रीत सिंह के साथ शुक्रवार सुबह बाइक पर सवार होकर बठिंडा व साथ लगते अन्य गांवों में शादी का कार्ड देने के लिए निकला था। उक्त लोग जैसे पंजुआना के निकट पहुंचे तो हाईवे पर एक कार और ट्रक का पहले से ही एक्सीडेंट हुआ था। इस दौरान एक ट्रक चालक ने एक्सीडेंट हुए खड़े ट्रक को देखकर अचानक ब्रेेक लगा दिया जिससे पीछे से आ रही बूटाराम की बाइक ट्रक के पीछे जा टकराई। इस हादसे में बाइक चालक 31 वर्षीय गुरप्रीत सिंह व 23 वर्षीय बूटाराम की मौकेे पर ही मौत हो गई। जबकि बूटा राम की मां करीब 45 वर्षीय मुख्तयार कौर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद बूटाराम के घर में चल रही विवाह की खुशियां मातम में बदल गई।
पिता की मौत के बाद बूटा राम के कंधों पर थी घर की जिम्मेदारी
पिता मिट्ठा राम की काफी वर्ष पूर्व हुई मृत्यु के बाद घर की सारी जिम्मेदारी बूटाराम के ही कंधों पर थी। बूटाराम विवाह-शादियों में स्टाल लगाने का काम करता था। बूटाराम का एक छोटा भाई मक्खन है जो 12वीं कक्षा में पढ़ता है। बूटा राम 5वीं तक पढ़ा हुआ था। पिता की मृत्यु के बाद बढ़ी जिम्मेदारियों के चलते उसने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। लेकिन वह अपने छोटे भाई को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाना चाहता था। शादी के 15 दिन शेष होने के चलते घर में तैयारियां चल रही थी। अपने भाई के स्कूल जाने के चलते बूटाराम शादी का कार्ड स्वयं बांट रहा था। बूटाराम चकराइयां निवासी गुरप्रीत सिंह को अपना दोस्त व भाई मानता था। गुरप्रीत पेशे से राजमिस्त्री था। वह पिछले काफी दिनों से बूटाराम के घर में चिनाई के काम में लगा हुआ था।
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जल्दी लौटने के लिए अलसुबह निकले थे घर से
बूूटाराम ने गुरप्रीत को शुक्रवार अलसुबह यह कहकर बुलाया था कि शादी का कार्ड बांटने जाना है। ताकि जल्दी घर से निकलकर शाम को जल्दी वापस आया जा सके। बूटाराम ने अपनी मां को भी साथ ले लिया था। तीनों लोग बाइक पर सवार होकर करीब साढ़े 5 बजे घर से निकल गए थे। गुरप्रीत का एक भाई है। गुरप्रीत अपने पीछे 6 वर्षीय मासूम बच्ची व पत्नी को छोड़ गया है। बूटा राम के परिजनों ने बताया कि गुरप्रीत ने बूटा राम को कहा था कि चिनाई का काम एक दिन बाद हो जाएगा। पहले शादी के कार्ड बांट आते हैं। अस्पताल में पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उनके मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी कि काश कार्ड बांटने एक दिन बाद चले जाते तो शायद ये अनहोनी टल जाती।
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