गीता जयंती पर दिए गए निमंत्रण पत्र में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला अपना नाम विशिष्ट अतिथि और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा का नाम मुख्य अतिथि के रूप में अंकित देख भड़क गए।
सिरसा जिला प्रशासन की तरफ से चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में 19 से 21 दिसंबर तक यह समारोह आयोजित होगा। प्रोटोकॉल का ध्यान न रखने से गुस्साए चौटाला ने निमंत्रण पत्र लेकर आए लोक संपर्क अधिकारी से यहां तक कह दिया, डिप्टी कमिश्नर को प्रोटोकॉल का पता नहीं, ये कैसा डिप्टी कमिश्नर है। जैसा डीसी, वैसा ही सीएम।
शुक्रवार दोपहर ढाई बजे डिप्टी कमिश्नर निखिल गजराज ने नेता प्रतिपक्ष को गीता जयंती समारोह के लिए निमंत्रण देने लोक संपर्क अधिकारी दलीप माचरा को चौटाला हाउस भेजा।
दलीप माचरा निमंत्रण पत्र लेकर चौटाला हाउस पहुंचे तो नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला पार्टी नेताओं के साथ गार्डन में बातचीत में व्यस्त थे। लोक संपर्क अधिकारी दलीप माचरा ने उन्हें निमंत्रण पत्र दिया।
अभय चौटाला ने निमंत्रण पत्र का लिफाफा खोला और उसे देखकर बोले, डिप्टी कमिश्नर को प्रोटोकॉल का पता नहीं क्या? कैसा डिप्टी कमिश्नर है ये।
अभय चौटाला ने अपने सहायक से कहा कि तुरंत सरकार को मेरी तरफ से पत्र लिखो और उन्हें बताओ कि प्रोटोकॉल क्या होता है। जैसा डीसी, वैसा ही सीएम। दोनों एक जैसे इकट्ठे हो गए। खूब लताड़ पड़ने के बाद जिला लोक संपर्क अधिकारी सहम गए और चुपचाप वहां से चले आए।
नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि बिना किसी की अनुमति लिए जगदीश चोपड़ा ने कार्ड पर उनका नाम अंकित करवा दिया।
सच्चाई यह है कि सरकार की तरफ से न उनसे और न ही इनेलो विधायकों से इस समारोह के संबंध में बातचीत की गई। उन्होंने कहा, जहां सम्मान के साथ नहीं बुलाया जाता, इनेलो नेता और कार्यकर्ता वहां नहीं जाते। ये सरकारी समारोह है और इसमें प्रोटोकॉल पर ध्यान देना चाहिए। ये समारोह जगदीश चोपड़ा का निजी समारोह नहीं है।