चोपटा। गांव माधोसिंघाना स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय में वीएलडीए अशोक कुमार की मौत के बाद विभाग के एक अन्य वीएलडीए कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी ने दावा किया कि विभागीय दबाव और अधिकारियों के व्यवहार के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है और दो बार आत्महत्या के विचार भी आ चुके हैं।
मंगलवार को सिरसा जिला वीएलडीए यूनियन का प्रतिनिधिमंडल अशोक कुमार के पैतृक गांव कैरावाली पहुंचा था जहां एक कर्मचारी अचानक भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़ा। पूछताछ में उसने कहा कि लगता है अब मुझे भी मरना पड़ेगा। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उससे निर्धारित दायित्व से अधिक कार्य करवाए जाते हैं।
कर्मचारी ने आरोप लगाया कि ओपीडी, कृत्रिम गर्भाधान सहित कई लक्ष्य वीएलडीए कर्मचारियों पर थोपे जाते हैं। साथ ही अन्य प्रशासनिक कार्यों का दबाव भी डाला जाता है। लगातार मानसिक तनाव के कारण वह बेहद परेशान है लेकिन परिवार को देखते हुए अब तक कोई कदम नहीं उठाया।
दो दिन पहले गांव माधोसिंघाना स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय परिसर में कैरावाली निवासी वीएलडीए अशोक कुमार का शव फंदे पर लटका मिला था। परिजनों ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर जातिसूचक गालियां देने व प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। सिरसा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मंगलवार को जिला सचिव मोहित तोलानीवाल, विनोद कुमार, गौरव टॉक्सिया, रोहित बामल, सुभाष, सचिन, मनदीप, जानबीर आदि निधन पर शोक जताने पहुंचे थे। वहीं विभाग के एसडीओ डॉ. ओपी कुकरेजा ने इस बारे में किसी भी टिप्पणी से इन्कार कर दिया।