शहर के बरनाला रोड स्थित दुकान पर खरीदारी करती महिला
सिरसा। रक्षाबंधन के आगमन से पहले ही जिले में त्योहार का उत्साह चरम पर है। शहर से लेकर ग्रामीण बाजारों तक रंग-बिरंगी राखियों की दुकानों से माहौल गुलजार हो गया है। बहनों ने खरीदारी की शुरुआत कर दी है और बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। इस बार कुंदन वर्क, इविल आइज, बीड्स, झुमका स्टाइल, सिल्क धागे और कार्टून थीम वाली राखियों की मांग जोर पकड़ रही है।
खासकर युवाओं में इविल आइज डिजाइन वाली राखियां खूब पसंद की जा रही हैं, जिसमें भाई-भाभी के जोड़े भी उपलब्ध हैं। ब्रेसलेट राखियों की भी जबरदस्त डिमांड है। त्योहार से पहले खरीदारी करने वाली कई महिलाएं भीड़ से बचने और बेहतर डिजाइन के लिए अभी से बाजारों का रुख कर रही हैं। कुछ बहनें ऑनलाइन भी ऑर्डर कर रही हैं, लेकिन स्थानीय बाजार अब भी पहली पसंद बने हुए हैं।
दुकानदारों को बेहतर बिक्री की उम्मीद
दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार बिक्री पिछली बार से बेहतर रहेगी। दुकानदार अशोक कुमार का कहना है कि ट्रेंड और ग्राहकों की पसंद के अनुसार डिजाइनों में विविधता लाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी राखियों की दुकानों पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। छोटे बच्चों के लिए डोरेमोन, छोटा भीम, स्पाइडरमैन और टेडी थीम की राखियां खूब बिक रही हैं, जो जल्दी आउट ऑफ स्टॉक हो रही हैं।
स्वदेशी राखियों की ओर झुकाव बढ़ा
स्वदेशी राखियों की ओर झुकाव बढ़ा है। रेशम, सूती धागों और सहयोगी समूहों की बनाई हस्तनिर्मित राखियों को इस बार खासा पसंद किया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि वोकल फॉर लोकल का असर साफ देखा जा सकता है। राखी खरीदते समय बहनें भाई की पसंद का भी ध्यान रख रही हैं। रंग, डिजाइन और स्टाइल को लेकर सोच-समझकर चुनाव हो रहा है। ऐसे में ट्रेंड और पर्सनैलिटी बेस्ड राखियों की मांग बढ़ गई है।
कार्टून थीम बेस्ड राखियों को बच्चे बता रहे फेवरेट
राखी बाजारों में बच्चों के बीच डोरेमोन, छोटा भीम, यूनिकॉर्न, स्पाइडरमैन, और टेडी वाली थीम की राखियों की खूब मांग है। दुकानदार गोपी कुमार ने बताया कि इन डिजाइनों वाली राखियां एक-दो दिन में ही आउट ऑफ स्टॉक होने लगी हैं। अभिभावक अपने बच्चों की पसंद के कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां ढूंढने में जुटे हैं।