पूर्व सैनिक लालचंद गोदारा ने 85 की उम्र में किया एमए, 200 से अधिक पदक जीते
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिरसा के 85 वर्षीय पूर्व सैनिक लालचंद गोदारा ने साबित किया है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने 1200 में से 965 अंक हासिल कर एमए की पढ़ाई पूरी की है। अब उनका लक्ष्य पीएचडी या कानून की पढ़ाई करना है।
लालचंद गोदारा को 76 वर्ष की उम्र में शिक्षा का महत्व समझ आया। पोते-पोतियों के कम पढ़े-लिखे होने के ताने से उन्हें पीड़ा हुई। उन्होंने उसी समय पढ़ाई करने और शिक्षित समाज का हिस्सा बनने का संकल्प लिया। 81 वर्ष की उम्र में उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की।
इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में एमए में दाखिला लिया। अब 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने एमए की डिग्री प्राप्त कर ली है। उन्होंने वर्ष 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में सैनिक के रूप में देश की सेवा की।
सेना से सेवामुक्त होने के बाद 1972 से 2002 तक परिवहन विभाग में यार्ड मास्टर रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
खेलों में शानदार प्रदर्शन
लालचंद के नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक पदक दर्ज हैं। इनमें करीब 150 स्वर्ण, 30 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल हैं। उन्होंने हरियाणा मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। वह दौड़, गोला फेंक और हैमर थ्रो जैसी स्पर्धाओं में सक्रिय हैं।
सक्रिय जीवनशैली और सामाजिक कार्य
85 वर्ष की उम्र में भी लालचंद रोजाना करीब 11 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। उनका कहना है कि शरीर को सक्रिय रखने में उम्र बाधा नहीं बननी चाहिए। वह 15 अगस्त और 26 जनवरी को जिला स्तरीय कार्यक्रमों में परेड में भी भाग लेते हैं। वह पौधरोपण, शिक्षा, खेल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्ति, स्वच्छता और सड़क सुरक्षा जैसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।