अमर उजाला ब्यूरो सिरसा।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में 25 अगस्त 2017 को दोषी करार दिया गया था. उनको जेल गए एक साल हो गया है। गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद सिरसा में हुई हिंसा में 6 लोगों की जानें गईं थी। मरने वाले लोगों में 21 साल के विनोद भी थे। विनोद की बहन रेणु ने कहा कि वो अब कभी अपने भाई को राखी नहीं बांध सकेगी और अब कभी राखी का त्यौहार नहीं मनाएगी। इस हिंसा में उसका भाई छीन गया। रेणु ने बताया कि उनका दूसरा भाई फर्नीचर की दुकान में नौकरी करता है। रेणु ने बताया कि कुछ दिन में बाद ही उसकी शादी थी। लेकिन भाई की मौत की वजह से शादी की तारीख टाल दी गई। इसके बाद किसी ने भी उनकी सहायता नहीं की। इस हिंसा के बाद परिवार कभी दोबारा डेरे नहीं गए।
विनोद की मां मंजू ने बताया कि वह अखबार बांटने का काम करते थे. इसके बाद वो कॉलेज पढ़ने जाते थे और शाम को किसी प्राइवेट कंपनी में काम करके मां-बाप के आर्थिक हालात सुधारने में मदद करते थे. मां मंजू ने कहा कि वो बच्चों को गलत संगत से बचाने के लिए डेरे लेकर जाते थे। बेटे को गोली लगी है इस बात का पता हमें दूसरे दिन चला। मंजू ने बताया कि कि वो डेरे के दूसरे अनुयायियों के साथ 25 अगस्त को सत्संग सुनने गई थीं, लेकिन उन्हें वहीं रोक दिया गया था। मंजू का कहना था कि वो बच्चों को गलत संगत से बचाने के लिए डेरा लेकर जाते थे, लेकिन उन्हें ये पता नहीं था कि वो अपने बेटे को खो देंगे।
फास्ट फूड का ठेला लगाकर गुजारा करते हैं विनोद के पिता
विनोद के पिता रामेश्वर दिन में घर के अंदर ही जूते बनाने का काम करते हैं और शाम को फास्ट फूड का ठेला लगाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। मंजू भी घर में जूते बनाने में उनकी मदद करती है। विनोद के पिता रामेश्वर ने बताया, उस वक्त कर्फ्यू लगा हुआ था। रात को काफी देर तक विनोद को ढूंढने के बाद मैं घर लौट गया, लेकिन मुझे रात को नींद ना आई. सुबह मैं फिर से किसी तरह अस्पताल गया. मरीजों में विनोद उस दिन भी ना दिखा. मेरी पत्नी डेरे में ही थी. काफी ढूंढने के बाद जब अस्पताल के मुर्दाघर गया तो वहां विनोद की लाश पड़ी थी।
सिरसा में हिंसा के दौरान इनकी हुई मौत
वजीरचंद निवासी प्रीत सागर कालोनी सिरसा, काला सिंह निवासी प्रीत नगर, विनोद कुमार निवासी रेगर बस्ती, रोबिन निवासी बहबलपुर जींद, साहिल निवासी रतिया, मीना रानी निवासी फतेहाबाद की मौत हुई थी।