अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। शनिवार को डबवाली में भाजपा की जिए जवान, जिए किसान रैली का आयोजन हुआ। रैली अध्यक्ष आदित्य देवीलाल और रैली संयोजक देव कुमार शर्मा के बीच पोस्टर वार चला। सिरसा रोड से शहर में दाखिल होते ही जिला पार्षद आदित्य देवीलाल का पोस्टर सड़क के बीचों बीच लगी स्ट्रीट लाइट्स पर लटके हुए थे तो नीचे देव कुमार शर्मा के। आदित्य देवीलाल ने जिए जवान, जिए किसान का नारा लिखा हुआ था। जबकि देव कुमार शर्मा ने सीएम को लालों के लाल मनोहर लाल स्लोगन अंकित करवाए हुए थे। यह पोस्टर वार पूरे शहर में देखा गया। मंच पर भी दोनों नेताओं में श्रेय लेने की होड़ थी। हालांकि रैली के अध्यक्ष आदित्य देवीलाल भीड़ जुटाने में सफल रहे। क्योंकि मंच से मुख्यमंत्री द्वारा आदित्य देवीलाल को चौधरी देवीलाल परिवार का पढ़ा लिखा युवा और राजनीति आगे बढ़ाने की बात कहने पर उनके समर्थकों ने तालियां बजाकर अभिनंदन किया। रैली के दौरान मंच पर बैठे आदित्य देवीलाल और देव कुमार शर्मा के साथ सीएम गुफ्तगू करते रहे। मंच से आदित्य देवीलाल ने देव कुमार शर्मा से रिश्ते कायम करने के लिए अपने संबोधन में उन्हें बड़ा भाई कहा। लेकिन मंच के दौरान दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। ऐसे में रिश्तों में तल्खियां कम नहीं हुई। सीएम जब मंच से संबोधन करने लगे तो देव कुमार शर्मा पहले खड़े होकर माइक के पास चले गए। सीएम जब अपनी कुर्सी से उठे तो साथ में आदित्य देवीलाल बाएं ओर खड़े रहे। रैली के बाद आदित्य के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। बतां दे कि सीएम की जिए जवान, जिए किसान रैली से पहले डबवाली खंड के गांव अहमदपुर दारेवाला में जनसंपर्क अभियान के दौरान आदित्य देवीलाल के समर्थकों और देव कुमार शर्मा के साथ झड़प हो गई थी। देव कुमार शर्मा ने आदित्य देवीलाल पर मारपीट के आरोप लगाए थे। जबकि आदित्य देवीलाल का कहना था कि देव कुमार शर्मा ने उनके दादा चौधरी देवीलाल के नाम पर टिप्पणी की है, इसलिए ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी। सिरसा जिला प्रभारी संजय भाटिया को मामले की जांच के लिए सिरसा भेजा गया था। पार्टी हाईकमान ने रैली के बाद इस मामले पर कोई फैसला लेने की बात कही थी।
रैली के लिए ओपन कर दिया टोल प्लाजा
रैली स्थल पर पहुंचने के लिए शनिवार को डबवाली सिरसा रोड पर टोल प्लाजा को टोल टैक्स फ्री कर दिया गया। सुबह से दोपहर तक किसी वाहन से टोल नहीं वसूला गया। इस दौरान आम जनता ने इसका लाभ उठाया। प्रशासन ने यह फैसला रैली के चलते टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें न लगने के तहत लिया। यह क्रम रैली खत्म होने के बाद तक जारी रहा।