डेरा प्रकरण: एक साल बाद भी सिरसा हिंसा के इनामी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
सिरसा। डेरा विवाद को लेकर सिरसा में हुई हिंसा मामले में मुख्य इनामी आरोपियों को सिरसा पुलिस एक साल बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। शनिवार को पुलिस की इस नाकामी की चर्चा अदालत में सुनाई दी। इसके चलते अदालत को हिंसा मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन सहित चार लोगों भगौड़ा घोषित कर दिया। अदालत ने उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन, डेरा प्रबंधन समिति की 15 मेंबरी कमेटी के पदाधिकारी नवीन कुमार उर्फ गोभी, अभिजीत उर्फ बबलू व बेअंत कौर को भगोड़ा घोषित करने के साथ पुलिस इन्हें जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
इन चारों मुख्य आरोपियों पर सिरसा पुलिस ने 25 मई 2018 को एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था। इसके बाद जिला पुलिस ने उक्त चारों के पोस्टर सिरसा के बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में चस्पा किए। उक्त चारों आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बेहद करीबी हैं। इनके हाथों में ही डेरा सच्चा सौदा सारा संचालन था। ये लोग डेरा की तमाम गतिविधियों की रिपोर्ट सीधा डेरा प्रमुख को देते थे। आरोपी बेेअंत कौर के हाथों में अकाउंट की जिम्मेदारी थी। डेरा सच्चा सौदा का सालाना अरबों रुपये का हिसाब किताब बेयंत कौर करती थी। एसआईटी ने जनवरी 2018 को डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन सहित चारों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। एक साल से अधिक समय से ये लोग फरार चल रहे हैं और सिरसा पुलिस इनको गिरफ्तार करने में नाकाम है।
इन शहरों के वासी है भगोड़े
डॉ. पीआर नैन पंजाब के जिला फाजिल्का के बोदीवाल का रहने वाला है। नवीन कुमार उर्फ गोभी गंगानकर के सरदूलशहर का वासी है, जबकि अभिजीत उर्फ बब्लू महाराष्ट्र के जिला सतारा का निवासी है। आरोपी बेअंत कौर राजस्थान के गुरूसर मोडिया शहर में रहती है। ये चारों लोग पिछले एक दशक से डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में रह रहे थे।
हिंसा की साजिश रचने में थी अहम भूमिका
साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने 25 अगस्त 2017 को फैसला सुनाना था। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन ने अदालत के संभावित फैसले को भांपते हुए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का 15 अगस्त को जन्मदिन सप्ताह मनाने का फैसला किया। जन्मदिन सप्ताह मनाने के लिए देशभर से लाखों अनुयायी डेरा सच्चा सौदा पहुंचे। डेरा प्रबंधन समिति व तमाम कमेटियों के पदाधिकारियों की डेरा में बैठक कर संभावित फैसले के बाद की योजना तैयार की। 17 अगस्त 2017 को डेरा मुखी की अगुवाई में डेरा प्रबंधन समिति की अहम पदाधिकारियों व करीबियों की बैठक हुई। इस बैठक में हनीप्रीत इंसां, आदित्य इंसां, पवन इंसां, डॉ पीआर नैन, गोलो मौसी, नवीन कुमार उर्फ गोभी, अभिजीत व बेयंत कौर भी शामिल थी। साजिश रचे जाने के बाद 17 अगस्त से 23 अगस्त 2017 तक डेरा में आए अनुयायियों से कहा गया कि अगर गुरू जी के खिलाफ कोर्ट का फैसला आता है तो चुपचाप नहीं बैठना है, चाहे अपनी जान तक क्यों न देनी पड़े। 23 अगस्त को लाखों अनुयायी पंचकूला में जमा हो गए। 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही गुरमीत राम रहीम को साध्वी रेप केस में दोषी करार दिया, पंचकूला व सिरसा में हिंसा भड़क उठी।