दिवाली की आड़ में जला डाली पराली
अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
धान के अवशेष (पराली) जलाने पर भले ही रोक लगा रखी हो लेकिन किसान विभागीय आदेशों को दरकिनार कर अवशेषों को आग लगाने से गुरेज नहीं कर रहे। वीरवार रात दिवाली की आड़ में पराली जला डाली। बडागुढा खंड में अवशेष जलाने की सूचना पाकर बीडीपीओ मौके पर पहुंचे। जब चालान काटा जाने लगा तो किसानों ने दूसरे किसानों को सूचित कर मौके पर बुला लिया। किसानों के रोष को देखते हुए बीडीपीओ पटवारी को छोड़कर मौके से गाड़ी भगा ले गए।
दरअसल विभागीय अधिकारियों को ज्ञात था कि किसान दिवाली की आड़ में अवशेषों को आग के हवाले करेंगे। इसी को लेकर क्षेत्र में पूरी चौकस बरती गई थी। बीडीपीओ को सूचना मिली थी कि गांव रंगा के खेतों में किसान धान के अवशेषों को आग लगा रहे हैं। सूचना पाकर जब बीडीपीओ वेदपाल अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे तो एक किसान अवशेषों को आग के हवाले करने उपरांत दो एकड़ जगह में जुताई कर रहा था। जिस पर बीडीपीओ ने उक्त किसान को 2500 रुपये का जुर्माना कर दिया। बताया जा रहा है कि बीडीपीओ अवशेष तीन एकड़ भूमि बताकर पांच हजार रुपये क ा जुर्माना लगा रहा था। जबकि किसान 2500 रुपये देना चाहता था। इसी बात को लेकर बहस हुई और किसान ने अन्य लोगों को फोन पर सूचना देकर मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते लहंगेवाला, मत्तड़ व रंगा से काफी लोग उक्त खेत में जमा होने शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि किसानों का उग्र मिजाज देखकर बीडीपीओ व ग्राम सचिव महेंद्र सिंह पटवारी को अकेला छोड़कर गाड़ी भगा ले गए। उधर आक्रोशित किसान भी काफी समय तक खेतों में डटे रहे। खंड कृ षि विकास अधिकारी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि गांव मलड़ी में भी दो किसानों को अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
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अवशेष जलाने की सूचना पर हम गए थे। जहां एक किसान को जुर्माना लगाया था। लेकिन गाड़ी भगाने जैसी कोई बात नहीं हुई। हमने किसानों को समझाया था कि अवशेषों में आग लगाना कानूनी अपराध है।
-वेदपाल, बीडीपीओ बडागुढा
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बीडीपीओ अचानक गाड़ी मोड़ ले गए
हां किसानों ने रोष तो जताया था। मैं जब खेत में खड़ा था तो बीडीपीओ साहब अचानक गाड़ी मोड़ ले गए। जिसके बाद सरपंच के घर किसान व बीडीपीओ पहुंचे।
- वलदेव राज, पटवारी