अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
शहर की सरकार और उपायुक्त के बीच दो दिन से जारी गतिरोध शुक्रवार को शांत हो गया। दोपहर को उपायुक्त प्रभजोत सिंह की ओर से शांति दूत बनकर सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बेनीवाल नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और दो मिनट की बातचीत में उन्होंने नगर पार्षदों को डीसी ऑफिस में उपायुक्त के साथ चाय पीने का निमंत्रण दिया। इसके बाद शहर की सरकार उपायुक्त के साथ चाय पर चर्चा को राजी हो गई। नगर परिषद अध्यक्ष शीला सहगल के नेतृत्व में सभी पार्षद उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और दोनों पक्षों के एक साथ बैठकर चाय पीते ही सारे गिले-शिकवे दूर हो गए। दस मिनट तक दोनों पक्षों में चर्चा हुई। ऑफिस से बाहर निकले पार्षदों के चेहरे पर इस बार खुशी के भाव दिखे।
पार्षदों ने कहा कि उनकी मांग शहर में विकास गति को तेजी से बढ़ाने की थी, उपायुक्त ने उन्हें भरोसा दिया है कि अधुरे पड़े विकास कार्य तीव्र गति से पूरे किए जाएंगे। आपसी तालमेल की कमी के कारण गतिरोध पैदा हो गया था। शहर में गलियों का निर्माण सहित अन्य विकास कार्य दीपावली से पहले शुरू हो जाएंगे। नगर पार्षदों ने उपायुक्त प्रभजोत सिंह से कहा कि डेढ़ साल पहले बनी शहर की सरकार के कार्यकाल में अभी तक कोई काम ही नहीं हुआ, ऐसे में निगरानी कमेटी की कोई जरूरत नहीं है। ऐलनाबाद, रानियां, कालांवाली, डबवाली में भी ऐसी कोई कमेटी नहीं है। सिरसा में भी इस कमेटी को बनाए जाने पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन नगर परिषद के माध्यम से विकास के काम तो शुरू करवाएं जाएं। उपायुक्त के जवाब से नगर पार्षद संतुष्ट हो गए।
इस मौके पर नप चेयरमैन शीला सहगल, उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, विकास जैन, ज्ञानी देवी, कर्मजीत, रेणू बाला बरोड़, मनोज मकानी, पार्षद प्रतिनिधि राजू चाचा, अमित सोनी, भूषण बरोड़, सुनील बामनिया, रीना सेटी सहित तमाम नगर पार्षद मौजूद थे।
बता दें कि बुधवार को नगर पार्षदों व उपायुक्त प्रभजोत सिंह के बीच गतिरोध पैदा हो गया था। उपायुक्त का कहना था कि उनसे बातचीत करने आए नगर पार्षदों में से एक की भाषा शैली व बात करने का तरीका अनुचित था। उन्हाेंने पार्षद विकास जैन को बाहर बैठने को बोला तो सभी पार्षद उनके साथ ही चले गए। नगर पार्षदों ने ऑफिस से बाहर निकलते ही उपायुक्त पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो दिनों तक नगर पार्षद उपायुक्त कार्यालय समक्ष धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। सांसद चरणजीत रोड़ी से लेकर बीजेपी जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह ने पार्षदों को समझाते हुए गतिरोध दूर करने की कोशिश की लेकिन नगर पार्षदों ने किसी की बात नहीं मानी।
कम्युनिकेशन गैप दूर हुआ
मामला सुलझ गया है, शहर के विकास कार्यों को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। जो भी कम्युनिकेशन गैप था वो दूर हो गया है। नगर पार्षदों से विकास कार्यों को लेकर चर्चा होती रहेगी। गलियों के निर्माणा का जो कार्य रुका है, वो मेरे सिरसा में कार्यभार संभालने से पहले का है। एसडीएम की ड्यूटी लगा दी गई है कि जल्द इस मसले का समाधान किया जाए।
-प्रभजोत सिंह, उपायुक्त सिरसा।
गलतफहमी हो गई थी
दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी हो गई थी, जोकि आज दूर हो चुकी है। अब किसी के मन में किसी प्रकार का कोई संशय नहीं है। नगर पार्षदों का उद्देश्य शहर के विकास कार्यों में तेजी लाना है।
-शीला सहगल, चेयरमैन नगर परिषद सिरसा।
चाय पर चर्चा के साथ शांत हुआ शहर की सरकार और उपायुक्त के बीच गतिरोध
शांति दूत बनकर नगर पार्षदों के बीच नप कार्यालय पहुंचे थे सिटी मजिस्ट्रेट, उपायुक्त के साथ चाय पीने का दिया निमंत्रण
दोनों पक्षाें ने स्वीकार किया कम्युनिकेशन गैप के कारण पैदा हुआ विवाद, अब होती रहेगी विकास कार्यों को लेकर चर्चा
दीपावली से पहले शुरू हो जाएंगे बाधित विकास कार्य
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