बीडीपीओ कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पहुंचे पंचायत समिति के सदस्य।
ऐलनाबाद। ऐलनाबाद पंचायत समिति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले समिति सदस्य ही सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग के दौरान नहीं पहुंचे। जिस कारण चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव रद्द हो गया।
सोमवार को पंचायत समिति कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाई गई थी। जिसमें बीडीपीओ विशेष रूप से वोटिंग करवाने के लिए पहुंचे थे। ऐसे में 25 में से केवल सात ही समिति सदस्य वोटिंग करने के लिए पहुंचे। चेयरमैन व वाइस चेयरमैन भी वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे। दोपहर दो बजे तक इंतजार करने के बाद अधिकारियों ने अविश्वास प्रस्ताव को रद्द कर दिया।
बता दें कि बता दें कि 16 जनवरी को पंचायत समिति के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ करीब 22 सदस्यों ने सिरसा अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. विवेक भारती को एक ज्ञापन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी सदस्यों को बैठक के लिए 29 जनवरी को निर्धारित कर बुलाया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर 22 पंचायत समिति सदस्यों में से 7 ही पहुंचे। जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।
बीडीपीओ विवेक कुमार ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए निर्धारित बैठक 29 जनवरी को बुलाई गई थी। इसके लिए सभी सदस्यों को मैसेज कर जानकारी दी गई थी। पंचायत समिति में कुल 25 सदस्य हैं। जिसमें से 16 जनवरी अतिरिक्त उपायुक्त के पास करीब 22 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मांगपत्र सौंपा था, लेकिन बैठक में कुल 7 सदस्य ही उपस्थित हुए। लिहाजा नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया।
यह सदस्य ही पहुंचे
संदीप कुमार कुत्ताबढ, लखविंद्र खांगुड़ा मल्लेकां, सुमन देवी ढाणी शेरां, रवि नागर पोहड़का, मंजू देवी भुर्टवाला, लखविंद्र तलवाड़ा खुर्द, मंजू बाला खारी सुरेरां उपस्थित रहे।