लघुसचिवालय में मांगों को लेकर धरना देते हुए किसान।
सिरसा। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल धिंगतानियां व भंभूर खरीफ चैनल का निर्माण न होने से नाराज 15 गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को शुरू कर दिया। धरनारत किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाया।
सोमवार को किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैंकड़ों किसान लघु सचिवालय में एकत्रित होकर पहुंचे। यहां पहले तो किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष प्रदर्शन किया। इसके पश्चात लघु सचिवालय के बाहर ही टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धिंगतानियां व सलारपुर खरीफ चैनल का निर्माण करने की घोषणा वर्ष 2019 में की थी। घोषणा के 5 साल बाद अभी तक चैनल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। हालांकि चैनल के निर्माण के लिए बजट राशि जारी हो चुकी है। किसानों ने बताया कि दोनों खरीफ चैनल के निर्माण से 15 गांवों के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। क्योंकि इन किसानों की जमीन में सिंचाई के अभाव में बंजर होती जा रही है। सिंचाई के लिए अत्याधिक जलदोहन की वजह से भूमिगत जल भी कृषि व पीने योग्य नहीं रहा। भूमि का जलस्तर मौजूदा समय में 500 फीट गहराई में जा चुका है। ऐसे में सिंचाई के लिए नहर का निर्माण करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ले चुके फीडबैक
संघर्ष समिति के प्रधान हीरा सिंह का कहना है कि संघर्ष समिति कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुकी है। मुख्यमंत्री ने सिरसा आगमन के समय अधिकारियों से धिंगतानियां खरीफ चैनल के निर्माण को लेकर फीडबैक ली थी। इसके बाद उपायुक्त को निर्माण के संबंध में सारी कार्यवाही तेज गति से पूरा करने निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बताया कि धिंगतानियां खरीफ चैनल निर्माण के लिए 70 प्रतिशत लोग अपनी जमीन देने को राजी हो चुके हैं। शेष 30 प्रतिशत लोगों की सहमति की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। नियमों के मुताबिक अगर किसी प्रोजेक्ट पर 70 प्रतिशत लोगों की सहमति मिल जाती है तो आगे की कार्यवाही में सरकार समक्ष कोई बाधा नहीं आती। सरकार कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर प्रोजेक्ट को कंप्लीट कर सकती है।
जब तक मांग पूरी नहीं धरना रहेगा जारी
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 15 गांव खाजा खेड़ा, रंगड़ी खेड़ा, टीटूखेड़ा, रामनगरिया, धिंगतानियां, मोड़िया खेड़ा, नानक पूर, नटार, ढाणी जस्सा राम, चौबुर्जा व भंभूर के किसानों ने कहा कि कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब आश्वासन पर नहीं सिर्फ निर्माण कार्य शुरु होने पर ही धरना समाप्त होगा।