अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए लघु सचिवालय परिसर में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन का धरना शनिवार को छटे दिन भी जारी रहा। शनिवार को लघु सचिवालय में छुट्टी होने के चलते सभी शौचालयों को ताले लगा दिए गए। शौचालय बंद होने से कार्यकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर उग्र रूप धारण कर लिया और लघु सचिवालय के गेट के सामने धरने पर आकर बैठ गईं व जिला प्रशासन को कोसने लगीं। करीब पौने घंटे के बाद दो बजे एक शौचालय का ताला खोला गया। इसके बाद कार्यकर्ता वापस अपने धरना स्थल आकर धरना जारी रखा। इस दौरान प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारों और तालियां बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया।
लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन द्वारा सोमवार से जारी धरने के छटे दिन जिला सचिव वीरो देवी ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को सरकार मान नहीं लेती तब तक धरना लगातार इसी प्रकार चलता रहेगा। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ व हर घर शौचालय का नारा लगा रही है लेकिन दूसरी ओर छ: दिन हो गए सरकार व प्रशासन बेटियों की आवाज नहीं सुन रहा है। बल्कि शौचालय ही बंद कर दिए। यूनियन की राज्य उप प्रधान रत्नेश ने कहा कि हमें हमारे हकों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है और हम हमारा हक लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह आरपार की लड़ाई है और इस लड़ाई में जीत हासिल करने के लिए सभी को मिलजुल कर आगे बढ़ना होगा। धरने पर सीटू नेता विजय ढूकड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के नेता राजेश भाकर, मदन लाल खोथ, सुरजीत अरोड़ा, प्रमिला चौधरी ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संबोधन किया। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूर और कच्चे कर्मचारियों व कार्यकर्ताओं की समस्याओं को दरकिनार करके कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। अगर सरकार जल्द नहीं जागी तो इसके परिणाम गंभीर भी हो सकते हैं। धरना रविवार को भी जारी रहेगा। आंगनबाड़ी यूनियन सिरसा ब्लॉक प्रधान शकुंतला, ऐलनाबाद से प्रमिला, चौपटा से माया रानी, रानियां से प्रेमा, राजपाल कौर, जसपाल कौर, सीता, कमलजीत, लाली देवी, चन्नों, परमजीत, ज्ञानी करनैल सिंह, भूपेश मेहता, गीतांजली सहित कई कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
महिलाओं को हुई परेशानी, दो बजे एक शौचालय का ताला खोला
शनिवार को लघु सचिवालय में छुट्टी होने के कारण सभी कार्यालय बंद रहे, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विभिन्न मांगों को लेकर पिछले छह दिनों से धरना जारी है। शनिवार को करीब दो हजार आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर धरने पर आकर लघु सचिवालय परिसर में बैठ गईं, लेकिन लघु शंका के शौचालयों के पास गई तो सचिवालय के शौचालयों के दरवाजे बंद मिले। इस पर आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन की कार्यकर्ता बिफर पड़ीं और धरना स्थल से उठकर लघु सचिवालय के गेट पर आकर धरना शुरू कर दिया व शौचालयों के ताले खुलवाने की मांग करने लगी। महिलाओं का उग्र रूप देखकर जल्द ही महिला तथा पुरुष कर्मियों को बुलाना पड़ा। तब महिला कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला सचिव वीरो रानी ने कहा कि सरकार ने पिछले दिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से घर घर शौचालयों का सर्वे करवाया था तथा घर घर में शौचालय बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने को कहा था। लेकिन आज जब महिलाएं यहां लघु सचिवालय में एकत्रित हुई तो शौचालयों को ही बंद कर दिया। अब लघु शंका के लिए कहां जाएं। करीब पौने घंटे के बाद दो बजे एक शौचालय का ताला खोला गया। तब जाकर महिलाएं लघु सचिवालय के गेट के सामने से उठ कर वापिस धरना स्थल पर आकर बैठी व पुलिस प्रशासन को कुछ राहत मिली।
आज जाएगा जिले से एक प्रतिनिधिमंडल रोहतक, धरना रहेगा जारी
आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन की जिला सचिव वीरो रानी ने बताया कि रविवार को रोहतक में यूनियन की राज्य ईकाई की बैठक होनी है जिसमें अब तक हुए संघर्ष व आगे की रणनीति की रूपरेखा पर चर्चा होगी, जिसमें सिरसा ब्लॉक से शकुंतला, वीरपाल, बड़ागुढ़ा से देवेंद्र कौर, ऐलनाबाद से प्रमिला, रानियां से सरजीत कौर, चोपटा से माया, डबवाली से कृष्णा, ओढां से ममता व माधोसिगांना ब्लॉक से रणजीत कौर का प्रतिनिधि मंडल जाएगा। लेकिन लघु सचिवालय परिसर में धरना रविवार को भी जारी रहेगा।