वार्ड 21 में पेयजल लाइन बिछाने का चलता काम।
सिरसा। वार्ड नंबर 20 और 21 के हजारों लोगों को जल्द ही गंदे और सीवरेज मिश्रित पेयजल की समस्या से राहत मिलने वाली है। करीब तीन महीने से चली आ रही शिकायतों के बाद जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा के संज्ञान में मामला पहुंचने पर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग हरकत में आया है। विभाग ने 50 साल पुराने पेयजल नेटवर्क को दुरुस्त करने और जलापूर्ति बढ़ाने के लिए एक साथ कई विकास कार्य शुरू कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता अमित सोनी ने बताया कि पार्षद के सहयोग से बार-बार इस समस्या को उठाने के बाद अब स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू हुआ है। अधिकारियों ने बताया है कि वार्ड-21 में सेठी धर्मशाला के पास वर्षों से बंद पड़े ट्यूबवेल को दोबारा बोर कर चालू किया जाएगा।
वहीं वार्ड-20 में ग्रोवर स्कूल के पास बने नए ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन पूरा कर अगले दो दिनों में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। दोनों ट्यूबवेल शुरू होने के बाद क्षेत्र में पानी की कमी दूर होने के साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
पुरानी लाइन को बदलने का काम शुरू
उन्होंने बताया कि वार्ड की लगभग 50 वर्ष पुरानी जर्जर पेयजल पाइपलाइन को चरणबद्ध तरीके से बदलने का काम शुरू हो गया है। नई पाइपलाइन सीताराम बागला वाली गली, 10वीं पातशाही गुरुद्वारा वाली गली, सेठी धर्मशाला के सामने 10 फूटी गली, रानियां गेट से ग्रोवर स्वीट्स होते हुए सेठी धर्मशाला तक तथा सूरतगढ़िया बाजार स्थित रामदेव मंदिर वाली गली में बिछाई जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे सीवरेज मिश्रित पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
टैंकर भिजवाने की मांग
शिकायकर्ता अमित सोनी ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे कार्य की नियमित निगरानी कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में अभी भी दूषित पानी की शिकायत मिल रही है, वहां जरूरत के अनुसार पेयजल टैंकर भेजे जा रहे हैं ताकि किसी भी परिवार को परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि वार्ड के प्रत्येक घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना प्राथमिकता है। पाइपलाइन बदलने और दोनों ट्यूबवेल शुरू होने के बाद वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा और लोगों को भविष्य में गंदे एवं सीवरेज मिश्रित पानी से राहत मिलेगी।