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शैक्षणिक परिषद की बैठक में 44 एजेंडे पारित

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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा की शैक्षणिक परिषद की 29वीं बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति व परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मलिक की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद की यह दूसरी बैठक थी। लगभग दो घंटे चली इस बैठक में विद्यार्थियों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साथ लगभग 44 एजेंडे पारित किए गए।
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12वीं के बाद जो विद्यार्थी सीधे विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहते थे उनके लिए अनेक रोजगारन्मुखी पाठ्यक्रम यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्ट्डीज में शुरू किए गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दाखिले से संबंधित हैंडबुक ऑफ इनफॉर्मेशन भी पास की गई। विश्वविद्यालय के अंदर फ्रेंच भाषा का सर्टिफिकेट कोर्स व डिप्लोमा कोर्स भी आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के अंदर गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज विकसित करने का फैसला लिया गया। इस सेंटर के तहत नई शिक्षा नीति का अनुपालन करते हुए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किया जाएगा। पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पूर्व उनके सफलतापूर्वक संचालन के लिए विभिन्न पहलुओं पर गहनता से मंथन किया गया। इस सेंटर में 08 नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए। इनमें शैक्षणिक सत्र 2021-22 से दाखिले प्रारंभ किए जाएंगे। बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉर्मेशन साइंस को छोड़ कर प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 4 वर्ष होगी। नई शिक्षा नीति का अनुपालन करते हुए इन पाठ्यक्रमों का सिलेबस इस हिसाब से बनाया गया है विद्यार्थी एक साल के बाद परीक्षा पास करने के उपरांत सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेगा। दो साल बाद डिप्लोमा व तीन साल बाद डिग्री प्राप्त कर सकेगा। चार साल बाद स्नातक की डिग्री पूरी करने के उपरांत विद्यार्थी सीधा स्नातकोत्तर की डिग्री एक साल में पूरी कर सकेगा। चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में बीकॉम बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, बीकॉम फाइनटेक, बीकॉम रिस्क मैनेजमेंट, बीएससी डाटा साइंस, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, बीए इकोनोमिक्स एंड फाइनेंस शामिल है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30-30 सीटें रखी गई हैं। पाठ्यक्रमों में दाखिले से संबंधित सभी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों के कौशल को विकसित करने के लिए एंबेडेड पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। प्रारंभिक दौर में इन पाठ्यक्रमों के लिए बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य विभाग का चयन किया गया है। इन विभागों के लिए 11 एंबेडेड पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विद्यार्थी लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डेवलपमेंट कौंसिल के सर्टिफिकेट कोर्स से लाभान्वित हो सकेंगे। ये सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों के लिए ऐच्छिक होंगे। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य विभाग के विद्यार्थी बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस के सर्टिफिकेट कोर्सेज से लाभान्वित होंगे। एंबेडेड पाठ्यक्रमों के लिए ये विभाग मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंट्रेप्रेन्योरशिप की नेशनल स्किल डेवलपमेंट कौंसिल के साथ करार करेंगे। जो विद्यार्थी एंबेडेड पाठ्यक्रमों का चयन करेंगे वे स्नातक एवं स्नातकोत्तर की डिग्री के साथ-साथ स्किल कौंसिल की परीक्षा पास करने के उपरांत प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के सभी विभागों का पाठ्यक्रम भी लर्निंग आउटकम बेस्ड बनाया गया है। लगभग 6 माह में तैयार किए गए पाठ्यक्रमों को बैठक में पारित किया गया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए है और विद्यार्थी हित उनके लिए सर्वोपरि है। प्राध्यापकों को भी विद्यार्थी हित को ध्यान में लेकर उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की तरफ ध्यान देना चाहिए। बैठक में 28वीं शैक्षणिक परिषद की बैठक के मिनट्स को भी कंफर्म किया गया। बैठक में डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश का नाम डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज किए जाने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा यूजीसी के मानकों के अनुसार विश्वविद्यालय का नवीन पीएचडी ऑर्डिनेंस तैयार किया गया है ताकि विभिन्न विभागों में रिक्त पीएचडी सीटों को भरा जा सके।
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