फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

सिरसा।
राज्य कमेटी के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिलेभर में लगे कर्मचारियों ने मांगाें को लेकर दूसरे दिन बुधवार को नागरिक अस्पताल सिरसा में हड़ताल जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने कोई समाधान न किया तो 48 घंटे बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। ऐसे में अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार ही पूरी तरह से जिम्मेवार होगी।
हड़ताल के चलते जिले में दूसरे दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। कर्मचारियों के हड़ताल पर न होने से उपचार के लिए आए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल पर बैठे जिलेभर के कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश में एनएचएम के तहत करीब 12 हजार व सिरसा जिले में करीब 550 कर्मचारी कार्यरत हैं। वे पिछले करीब 10 से 15 सालों से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया रेगुलर कर्मचारी पूरे आठ घंटे भी ड्यूटी नहीं देता, लेकिन बावजूद इसके उनक ा वेतन महीने की पहली तारीख को आ जाता है, जबकि वे आठ से 12 घंटे भी काम करते हैं, बावजूद इसके छह-छह माह तक उन्हें वेतन नहीं दिया जाता। वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों ने बताया कि एक तो पहले ही विभाग में कर्मचारियों का टोटा है और ऊपर से विभाग लगातार कर्मचारियों की छंटनी क र रहा है, जिससे दूसरे कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की कमी के चलते लोगों को जो संसाधन हैं, उनका भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।

ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रेशनेलाइजेशन के तहत 20 प्रतिशत छंटनी के फरमान को वापस लिया जाए, समान काम-समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, वेतन महीने की सात तारीख को देने, आउटसोर्सिंग प्रणाली बंद करने, विभाग में नियमित भर्ती की जाए।
विज्ञापन


ये कर्मचारी हैं शामिल
पूरे प्रदेश में एनएचएम के तहत जो कर्मचारी हड़ताल मेें बैठे हैं, उनमें एंबुलेंस चालक, ईएमटी, एएनएम, काउंसलर, स्टाफ नर्स, चिकित्सक, पूरे आयुष विभाग के कर्मचारी, स्कूल हेल्थ, अकाउंटेंट, असिस्टेंट अकाउंटेंट, डाटा एंट्री आपरेटर, फार्मासिस्ट और टीबी विभाग के जिलेभर के करीब साढ़े पांच सौ कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें