टेंडर के डर से मालिकों ने पकड़े खुले घूम रहे सूअर
सिरसा। नगरपरिषद ने शहर में सूअर पकड़ने का टेंडर लगाया हुआ है। शहर में गंदगी का आलम बन रहे सूअरों के पकड़े जाने के भय से उनके मालिकों ने अब खुद ही उन्हें पकड़ना शुरू कर दिया है। सोमवार को टेंडर खुलना है।
जानकारी के अनुसार शहर के पार्षद जश्न इंसा, पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम सुखरालियां और रेलवे कालोनी के हेल्थ इंस्पेक्टर ने नगर परिषद को शिकायतें दी थी। लोगों की शिकायतें थी कि सूअरों के कारण गंदगी पनप रही है और हादसे हो रहे हैं। शहर में वाल्मीकि चौक, एफ ब्लॉक, कीर्तिनगर, थेहड़ मोहल्ला, परमार्थ कालोनी, शांति नगर में काफी संख्या में सूअर थे। इसके बाद नगरपरिषद ने सूअर पकड़ने का टेंडर जारी किया। 14 सितंबर अंतिम तिथि थी। अभी तक नगरपरिषद के पास दो ठेकेदारों ने आवेदन किए है। शर्त अनुसार टेंडर 6 महीने का होगा, जो ठेकेदार सबसे ज्यादा पैसे देगा, नगरपरिषद उसे ही ठेका अलॉट करेगी। टेंडर सोमवार को खुलने जा रहा है। इसी को देखते हुए शहर के जिन मीट विक्रेताओं ने सूअरों को खुला छोड़ा हुआ था। उन्हें अब खुद ही पकड़ना शुरू कर दिया है। क्योंकि टेंडर होने के बाद कोई भी व्यक्ति सूअर पर अपना हक नहीं जता पाएगा और सूअर ठेकेदार का ही होगा। शर्त अनुसार ठेकेदार सुअर को पकड़कर शहर की सीमा के अंदर नहीं रख पाएगा। पिछले कुछ दिनों से सूअरों को खुला छोडने वाले अब उन्हें पकड़ने के लिए उनके पीछे दौड़ रहे हैं। जो मालिक पहले सूअर को खुला छोड़ते थे अब सूअरों को पकड़ कर घर में रख रहे है।
हर मालिक की अपनी अलग से सूअर की निशानी
शहर में वाल्मीकि चौंक, थेहड़ मोहल्ला के आसपास सूअर छोड़ने वाले मालिकों ने इन पर निशानी लगाई हुई है। किसी मालिक ने अपने सूअरों के कान में छेद किया तो किसी ने पूंछ पर कट लगाया। हर मालिक ने अपनी अलग निशानी दी हुई है। जिससे कि पता चल जाए ये सूअर उसका है या नहीं। एक सूअर एक हजार से तीन हजार रुपये में बिकता है। शहर से जालंधर, लुधियाना और चंडीगढ़ में सूअरों की सप्लाई होती है।
कोट्स
सूअरों को पकडने का टेंडर सोमवार क ो खोला जाएगा। टेंडर 6 महीने का है। जो ठेकेदार सबसे ज्यादा पैसे देगा, उसे ही टेंडर
अलॉट कर दिया जाएगा।
देवेंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगरपरिषद सिरसा।