अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। निर्धारित समय तक ड्यूटी पर न लौटने वाले 481 एनएचएम कर्मचारियों को शनिवार सुबह बर्खास्त कर दिया गया, जिसमें 19 आयुर्वेदिक डॉक्टर भी शामिल हैं। सीएमओ की ओर से बर्खास्त कर्र्मचारियों की सूची धरनास्थल के पास दीवार पर चस्पा की गई। रिक्त स्थानों पर नियमित कर्मचारियों और डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है, ताकि किसी मरीज को कोई परेशानी न हो। उधर, प्रदर्शनकारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों नेे चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार सिर कटा सकते हैं पर सिर नहीं झुकाएंगे। दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने मौके पर जाकर धरने का समर्थन किया और धरने पर भी बैठे।
स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिलेभर में लगे कर्मचारियों ने मांगाें को लेकर शनिवार को हड़ताल पर बैठे रहे। डबवाली की एक नर्स ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्यूटी पर लौटने के लिए निर्धारित किए गए समय के दौरान ड्यूटी ज्वाइन की। शेष नहीं आए। निर्धारित समय के बाद सीएमओ की ओर से 481 कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए गए। आदेश की एक सूची धरनास्थल पर एक दीवार पर चस्पा की गई, जबकि दूसरी सूची सीएमओ कार्यालय के बाहर लगाई गई। सूची देखते हुए प्रदर्शनकारी भड़क उठे और उन्होंने ऐलान किया कि वे सिर कटवा सक ते हैं पर सिर नहीं झुकाएंगे। प्रदर्शनकारी महिला और पुरुषों ने साफ कहा कि इस प्रकार की सूची लगाने से कुछ नहीं होगा। सरकार को देर सवेर तो उनकी मांग माननी ही होगी। प्रदर्शनकारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान भी किया। साथ ही कहा कि इस दौरान अगर कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए सरकार और विभाग जिम्मेवार होगा।
जिला प्रधान कुंदन सिंह गावड़िया ने बताया कि पिछले वर्ष भी सरकार ने क र्मचारियों को बर्खास्त किया था, लेकिन उनके संघर्ष के आगे उन्हें पुन: कर्मचारियों को काम पर लेना पड़ा। सरकार ने उनकी जायज मांगों को पूरा करने की बजाए इसे एक मजाक बनाने पर तुली हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एनएचएम के तहत करीब 12 हजार और सिरसा जिले में करीब 550 कर्मचारी कार्यरत हैं। वे पिछले करीब 10 से 15 सालों से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। प्रदर्शनकारी सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा आदि ने कहा कि इस बार वे झुकने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अहंकारी रावण की संज्ञा देते हुए उनके दस सिर वाले पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी इस बार आरपार के मूड में दिखे। प्रदर्शनकारियों की ओर से धरनास्थल पर पीने के पानी के कैंपर रखे गए हैं साथ ही चाय की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों के परिजनों ने भी मौके पर आकर हौसला बढ़ाया। उधर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार कोे कोसा। वे प्रदर्शनकारियों के साथ भी बैठे। इसके बाद वे सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता से मिले और प्रदर्शनकारियों की मदद करने की बात कही। सीएमओ ने साफ कर दिया कि जैसा विभाग का आदेश होगा उसका पालन करवाया जाएगा।
सीएमओ डॉ. गोबिंद गुप्ता से जब पूछा गया कि कर्मचारियों की बर्खास्तगी से कार्य तो प्रभावित नहीं होगा तो उन्होेंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। विकल्प पहले ही तलाश कर लिया गया था। कर्मचारियों की बर्खास्तगी से पहले ही नियमित कर्मचारियों और डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि पीएचसी पर मरीज को लेने और छोड़ने सीएचसी की एंबुलेंस जाएंगी। उन्होेंने माना कि कुछ कार्यक्रम प्रभावित होेंगे, लेकिन जल्द ही उनकी भी व्यवस्था की जाएगी।
ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में सेवा नियम लागू किए जाएं, सातवें पे कमीशन का लाभ दिया जाए, समान काम-समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, वेतन महीने की सात तारीख को दिया जाए।
ये कर्मचारी हैं शामिल
पूरे प्रदेश में एनएचएम के तहत जो कर्मचारी हड़ताल मेें बैठे हैं, उनमें एंबुलेंस चालक, ईएमटी, एएनएम, काउंसलर, स्टाफ नर्स, चिकित्सक, पूरे आयुष विभाग के कर्मचारी, स्कूल हेल्थ, अकाउंटेंट, असिस्टेंट अकाउंटेंट, डाटा एंट्री आपरेटर, फार्मासिस्ट और टीबी विभाग के जिलेभर के करीब साढ़े पांच सौ कर्मचारी शामिल हैं।