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एक विद्यालय ऐसा भी जहां विद्यार्थी 17 और शिक्षक चार

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
समाज और राष्ट्र की तरक्की का मार्ग वहां की शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से ही होकर गुजरता है। इसी प्रकार की व्यवस्था का अनुसरण हरियाणा सरकार भी कर रही है मगर अभी तक अनेक ऐसे राजकीय विद्यालय हैं जहां विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षकों से शिक्षा नहीं मिल पा रही है। वहीं, गांव ढाणी-400 जिला सिरसा के राजकीय मिडल स्कूल की स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
इस राजकीय मिडल स्कूल में जहां विद्यार्थियों की कुल संख्या 17 है वहीं शिक्षकों की संख्या चार है। इन शिक्षकों के अलावा एक क्लर्क और एक सेवादार भी स्कूल में नियुक्त है यानि स्टाफ के रूप में छह सदस्य। महज 17 विद्यार्थियों के साथ चल रहे इस स्कूल में यहां कार्यरत सभी चारों शिक्षकों पर वर्कलोड शून्य है। वहीं, अनेक स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।
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क्या कहते हैं नियम
स्कूली शिक्षा विभाग का नियम है कि किसी भी राजकीय स्कूल में कम से कम 25 विद्यार्थियों की संख्या होनी अनिवार्य है, मगर इस स्कूल में अनिवार्य संख्या से कम विद्यार्थियों की संख्या होने के बावजूद यहां चार शिक्षक और दो अतिरिक्त स्टाफ दिया गया है, जबकि जिले में ही अनेक ऐसे स्कूल हैं जहां 800 से 1000 विद्यार्थियों की संख्या होने के बावजूद वहां पर्याप्त शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। इसी वजह से समय-समय पर जिलेभर से अनेक बार बच्चों, उनके अभिभावकों और पंचायत की ओर से पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रशासन को लिखा गया है। शिक्षा विभाग में एक नियम यह भी है कि यदि 25 विद्यार्थियों से कम संख्या की स्थिति हो तो वहां से ऐसे स्कूल को निकटवर्ती गांव के राजकीय स्कूल में मर्ज कर दिया जाता है मगर ढाणी-400 में इस नियम की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।
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डेपुटेशन का अधिकार नहीं : डीईओ
इस सिलसिले में जिला शिक्षाधिकारी डॉ. यज्ञदत्त वर्मा ने माना कि ऐसी स्थिति किसी भी तरह से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ठीक नहीं है मगर इस समय राज्य सरकार के आदेशानुसार जिला शिक्षाधिकारियों को डेपुटेशन का अधिकार नहीं है। उन्होंने माना कि जिले में अनेक ऐसे स्कूल हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत है और उनके अनुपात में शिक्षकों की संख्या कम। यदि उनके पास डेपुटेशन की शक्तियां होतीं तो उन स्कूलों की मदद की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि यदि रेशनलाईजेशन की स्थिति बने तो ही इस जैसे अन्य स्कूलों की विद्यार्थियों और शिक्षकों के बिगड़े अनुपात को सुधारा जा सकता है।

विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा छह में आठ विद्यार्थी
कक्षा सात में दो विद्यार्थी
कक्षा आठ में सात विद्यार्थी
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