सिरसा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के 198 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में बदलने की तैयारियां पूरी कर ली है, लेकिन अभी तक ग्राउंड वर्क नहीं कर पाया है। जिले के 171 आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली कनेक्शन नही नहीं है तो कहीं पर रसोईघर और शौचालय की सुविधा तक भी नहीं है। ऐसे मे प्ले स्कूल का सपना कैसे पूरा होगा।
विभाग द्वारा पिछले 9 महीनों से प्ले स्कूल बनाने की कवायद शुरू की गई है, लेकिन अभी तक विभाग ने प्ले स्कूल बनाने की तैयारियां तक पूरी नहीं की। जिन आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल में बदला जाना है उन केंद्रों पर अभी तक बिजली के कनेक्शन तक नहीं हैं। प्ले स्कूल बनने के दो महीने पहले विभाग जागा और बिजली कनेक्शन के लिए मांग की। वहीं इतने सालों तक केंद्र बिना बिजली कनेक्शन के ही चल रहे थे। वहीं इसी के साथ विभाग ने 26 कमरों की मांग भी भेजी है जिसमें से 24 कमरे नए और 2 में मरम्मत की मांग की गई है।
96 केंद्रों पर नहीं है बच्चों के शौचालय तो 95 में नहीं है रसोई
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला जाना है। उनमें से 96 केंद्रों पर बच्चों के लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। वहीं 95 केंद्रों में रसोई घर उपलब्ध नहीं है। जिसकी विभाग ने मुख्यालय को मांग भेजी है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये हाल सिर्फ इन केंद्रों का नहीं है। अपितु जिले के लगभग सभी केंद्र ऐसे हैं। जिनमें बिजली कनेक्शन, शौचालय, रसोई उपलब्ध नहीं है। एक कमरे में निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र में ही सब कुछ करना पड़ता है।
इन आंगबाड़ियों को बनाया जाएगा प्ले स्कूल
आंगनबाड़ी संख्या
बड़ागुढ़ा 14
डबवाली 34
ऐलनाबाद 35
माधोसिंघाना 38
चोपटा 24
ओढ़ा 09
रानियां 29
सिरसा 15
प्ले स्कूल चलाने के लिए कार्यकर्ताओं ने नहीं ली ट्रेनिंग
आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल बनाने की तैयारी में कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देना भी अनिवार्य है। जब तक कार्यकर्ताओं को प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाना कैसे है ये पता नहीं चलता तब तक प्ले स्कूलों का संचालन नहीं किया जा सकता। इसी के तहत मुख्यालय द्वारा कार्यकर्ताओं के लिए ट्रेनिंग का आयोजन किया गया था। प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसी भी महिला ने प्ले स्कूल की ट्रेनिंग नहीं ली। ऐसे में नौनिहालों को कार्यकर्ताओं महिलाओं को कैसे ज्ञान सिखाएंगी।
वर्जन
198 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला जाना है। जिसके लिए विभाग द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। जो कमियां हैं उनके लिए मुख्यालय में मांग भेज दी गई है।
डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा।