अब शहर से बाहर शिफ्ट हाेंगी डेयरियां
शहर के सौंदर्यीकरण पर ग्रहण लगा रही हैं सवा तीन सौ पशु डेयरियां
महेंद्र घणघस
सिरसा।
शहर के सौंदर्यीकरण पर ग्रहण लगा रही पशु डेयरियां अब शहर से बाहर शिफ्ट होंगी। इसके लिए गांव वेदवाला में 20 एकड़ भूमि नगर परिषद को मिल गई है। इससे पूर्व नगर परिषद शहर में स्थित डेयरियाें का सर्वे कर रहा है जो लगभग कार्य पूरा हो चुका है। लोगाें की मांग के बाद सीएम अनाउंसमेंट के तहत शहर से बाहर डेयरियां शिफ्ट हो रही हैं।
नगर में करीब सवा तीन सौ पशु डेयरियां हैं, जिनमें तीन हजार से अधिक पशु हैं। बेसहारा पशुओं के अलावा डेयरियों में बंधे पशु भी कहीं न कहीं लोगाें के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। पशुओं के गोबर से आए दिन सीवर बंद होने की समस्या देखने को मिलती है। साथ ही आसपास के घरों के लोगाें को गोबर की बदबू का दंश भी झेलना पड़ता है। कॉलोनियों में स्थापित डेयरियों के कारण कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था भी गड़बड़ाई रहती है। लोग आए दिन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग करते हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने सिरसा नगर से सभी डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की अनाउंसमेंट की। उसके बाद गांव वैदवाला में भूमि की व्यवस्था के लिए प्रक्रिया शुरू हुई, परंतु बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में ही रही। अब फिर सरकार ने डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करवाने में रुचि दिखाई है।
शहर में करीब सवा तीन सौ डेयरियां हैं, जिनमें तीन हजार से अधिक पशु हैं। डेयरियों का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। अब सभी डेयरियों को गांव वैदवाला के रकबे में शिफ्ट किया जाएगा, जिसके लिए विभाग को 20 एकड़ भूमि मिल गई है। डेयरियों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया सीएम अनाउंसमेंट के तहत किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों की भी काफी शिकायतें शासन-प्रशासन के पास आई हुई हैं। इससे शहर में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
-अनिल नैन, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा।
बेसहारा पशु भी हैं सिरदर्दी
शहर में करीब पांच हजार बेसहारा पशु हैं। इनमें से एक हजार पशुओं को केलनिया नंदीशाला और अन्य गोशाओं में शिफ्ट कर दिया गया है। अब भी करीब चार हजार पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। प्रशासन इसको लेकर गंभीरता दिखा रहा है। डेयरियों के शिफ्ट होेने के बाद इन सभी बेसहारा पशुओं को भी शहर से पकड़ कर गोशाला में भेजा जाएगा तब शहर को पशु मुक्त किया जा सकेगा।
सौंदर्य पर लगा रहे ग्रहण
डेयरियों के अलावा बेसहारा पशु शहर के सौंदर्य पर ग्रहण लगा रहे हैं। हर कॉलोनी में गलियों में गोबर बिखरा पड़ा रहा है। सफाई कर्मचारी भी इस गोबर को साफ नहीं कर पाते। इसके अलावा गोबर सीवर में जाने से सीवर ब्लॉक होते रहते हैं। डेयरियों के आसपास के घरों में गोबर की बदबू फैली रहती है। बरसाती सीजन में गोबर की बजह से मच्छरों की भरमार हो जाती है जिससे बीमारियों फैलती हैं।