अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रशासनिक भवन के सामने मंगलवार को धरना जारी रहा। विवि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ डाली गई याचिका पर मंगलवार को अदालत में दोनों यूनियनों के पदाधिकारी पेश हुए और शांतिपूर्वक तरीके से धरना देने और प्रदर्शन करने की बात कही।
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तारीख दी है। उधर बुधवार को ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारी विश्वविद्यालय में धरनारत कर्मियों को सहयोग देने व आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए आने को लकर कर्मचारी काफी उत्साहित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि फेडरेशन के साथ विचार विमर्श कर अब आंदोलन को मजबूती से लड़ा जाएगा। विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पांच मार्च से कार्यालयों के कार्य ठप पड़े हैं, जिससे विश्वविद्यालय से जुड़े 58 कालेजों के विद्यार्थियों और डिस्टेंस एजूकेशन से पढ़ाई करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है
मंगलवार को एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी सदस्य व तीन कर्मचारी रमेश हंस, महेंद्र बैनीवाल और महिला कर्मचारी रश्मि जिनको कानूनी नोटिस जारी किया गया था वो कोर्ट में पेश हुए। पेशी के बाद फिर से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर आकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को जमकर कोसा। एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान बजरंग लाल ने कहा कि कुलपति अपनी कमियों को दबाने के लिए उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे कुलपति की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और उनकी मनमर्जी का मुंह तोड़ जवाब देंगे। बजरंग लाल ने कहा कि मंगलवार को कोर्ट की तारीख थी तथा वे कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट के सामने अपनी बात रखी। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख नौ अप्रैल की दी है। वहीं, उन्होंने विवि प्रशासन पर भी कोर्ट को गुमराह करने के आरोप लगाते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया। प्रधान ने बताया कि बुधवार को ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी कर्मचारी फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल, केयूके गैर शिक्षक कर्मचारी यूनियन के प्रधान राम कुमार व एमडीयू रोहतक से फूल कुमार के साथ अन्य पदाधिकारी उनके धरने के समर्थन में आ रहे हैं। इनके साथ कर्मचारी आंदोलन को लेकर बैठक कि जाएगी। आगामी रणनीति पर चर्चा कर आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि यहां हजारों विद्यार्थी पढ़ने आते हैं, लेकिन अभी तक विवि प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी के कारण विद्यार्थियों की प्रभावित हो रही पढ़ाई को लेकर अभिभावक भी चुप्पी साधे हुए हैं। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए आगे आएं और इस विवाद को निपटाने में अपना योगदान दें। इस मौके पर सचिव सुरेन्द्र दलाल, आउटसोर्सिंग यूनियन के उपप्रधान रणबीर, कैशियर सत्यवान कुंडू, ने भी संबोधित किया और प्रशासन को जमकर कोसा। इस धरने प्रदर्शन में देवेंद्र हुड्डा, चारू, ममता, ज्योति, सुनील, मनोज गौतम, हितेंद्र, राकेश, धर्मवीर, किरण कपिल, प्रवीण, रमेश हंस, लीलू, अंकेश, शारदा, विजय रंगा, मनोज रेलन, सुरेंद्र हांडा, कृष्ण, ओमदा, अनिल भौरिया, अनिल धनखड़, संजीव आदि सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।