अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली (सिरसा)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेरोजगारों को लेकर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश के बेरोजगारों में रोष पनप रहा है और जगह-जगह मोदी पकौड़ा स्टाल लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को डबवाली के मेन बाजार स्थित गांधी चौक में इनसो और युवा इनेलो कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से मोदी पकौड़ा स्टाल लगाकर अपना विरोध जताया और मोदी सरकार पर तंज कसते हुए आने-जाने वाले राहगीरों से पकौड़े खरीदने की अपील की।
इस मौके पर ब्लॉक समिति सदस्य रणदीप सिंह मटदादू, युवा इनेलो प्रधान विपिन मोंगा और इनसो के प्रधान अंकुश मोंगा ने उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े दु:ख की बात है कि युवाओं को उच्च स्तरीय सरकारी नौकरियां देने और रोजगार के साधन पैदा करने के वादे करने वाली मोदी सरकार आज देश के युवाओं को पकौड़े बेचने के लिए कह कर उनका मजाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं से पकौड़े ही बिकवाने हैं तो देश में चल रहे स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय को बंद कर देना चाहिए और मोदी सरकार को यूनिवर्सिटी ऑफ हलवाई शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि मोदी सरकार की कहानी चाय से शुरू होकर पकौड़ों पर खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना एक प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। अगर वह बेरोजगारों को रोजगार नहीं दे सकते तो उन्हें उनकी खिल्ली भी नहीं उड़ानी चाहिए। बेरोजगारी पर ऐसे बयान देकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी ओच्छी मानसिकता का परिचय दिया है। उनके द्वारा बोला गया एक-एक शब्द करोड़ों युवाओं के लिए जहर के घूंट जैसा है, जो दिन भर रोजगार पाने के लिए भटकते रहते हैं। बेरोजगार युवाओं का मजाक उड़ाना बेहद ही निंदनीय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें इसका खामियाजा आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
उधर, मोदी पकौड़ा स्टाल पर लोगों की भारी भीड़ रही। इस मौके इनेलो कार्यकर्ताओं ने स्थानीय भाजपा नेता देव कुमार शर्मा से दूरभाष पर संपर्क किया, ताकि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। प्रदर्शन में इनेलो के शहरी प्रधान हरबंस भीटीवाला, गुरजंट सिंह तिगड़ी, बलबीर तिगड़ी, पंचायत समिति उप-चेयरमैन अमृतपाल, गुरलाल दिवानखेड़ा, बिट्टू मौजगढ़, अमित गोरीवाला, महेंद्र बिज्जुवाली, भीम गोदिकां, राजीव दारेवाला, हरमीत मसीतां, जगदीप बराड़, अमरनाथ बागड़ी, विक्की वर्मा, दीपक, पनी किंगरा, अंकित कामरा, गौरव भाटी, राकेश, मदन, सुरेंद्र ग्रोवर के अलावा भारी संख्या में इनसो और युवा इनेलो कार्यकर्ता मौजूद रहे।