संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सड़क व गलियों के निर्माण कार्य में धांधली और नियमों की अवहेलना की जा रही है। इसका खुलासा नगर परिषद के अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप के निरीक्षण के दौरान हुआ है। अध्यक्ष के पास टेबल पर शहर में गलियों के निर्माण की 16 फाइलें आईं। इनमें से चार फाइलों की जांच के लिए वे मौके का निरीक्षण करने पहुंचे तो सड़क व गलियाें के निर्माण में कई खामियां नजर आईं। सड़क व गलियाें का न तो लेवल ठीक था न ही साइज। इस पर अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने ठेकेदार को मौके पर बुलाकर फटकार लगाई और चार दिन में निर्माण दुरुस्त करने के आदेश दिए।
उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी दी कि चार दिनों बाद भी गलियों के हालात नहीं सुधरते है, तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब नगर परिषद के अध्यक्ष बाकी 12 फाइलों के निर्माण कार्य का मंगलवार को निरीक्षण करेंगे।
बता दें कि 31 मार्च होने के चलते अध्यक्ष के पास मौका निरीक्षण के लिए 16 फाइलें आई थीं, ताकि अध्यक्ष मौका देखकर साइन कर दें और ठेकेदारों को भुगतान किया जा सके। अधिकारियों की यह चालाकी उन्हीं व ठेकेदारों पर भारी पड़ गई। जब अध्यक्ष ने निरीक्षण कर गलियों के निर्माण कार्यों की पोल खोल दी।
छह से आठ इंच तक ऊंचे मिले मैनहोल
कांडा कॉलोनी व रामनगरिया : इन क्षेत्रों में सड़कों में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं थी। सड़कों का लेवल ठीक नहीं होने के कारण बारिश के समय पानी रुक जाता था, जिससे क्षेत्रवासी परेशान थे। इसके अलावा, सीवरेज मैनहोल भी सही लेवल पर नहीं थे। कुछ मैनहोल छह से आठ इंच तक ऊंचे थे। अध्यक्ष ने ठेकेदार को आदेश दिया कि मैनहोल को सही स्तर पर लाया जाए और सड़कों के लेवल ठीक किया जाए।
25 फीट की सड़क का 22 से 23 फीट में और 22 फीट की गली का 18 फीट में किया जा रहा था निर्माण
खेतरपाल कॉलोनी : इस क्षेत्र में हाल ही में लोगों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध जताया था। उनका आरोप था कि सड़क बिना सीवरेज और पेयजल लाइन डाले ही बनाई जा रही है और इसमें कंक्रीट का इस्तेमाल भी कम किया जा रहा है। अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण किया और पाया कि आरोप सही थे। ठेकेदार 25 फीट की मुख्य सड़क को 22 से 23 फीट ही बना रहा था। कॉलोनी की जो गलियां 22 फीट की थी, उनका निर्माण 18 फीट में किया जा रहा था। गली को नक्शे के अनुरूप नहीं बनाया जा रहा था। सड़क के साइड में टो-वॉल तक नहीं बनाई गई थी।
माइनस में टेंडर लेकर धांधली का राज खुला
इन चार फाइलों में एक ही ठेकेदार की सबसे ज्यादा गलियां थीं, जिनमें धांधली की गई थी। यहीं कारण है कि ठेकेदार पिछले लंबे समय से 30 से 31 प्रतिशत तक माइनस में टेंडर ले रहा था। हैरानी की बात है कि जहां अध्यक्ष पहले ही निरीक्षण में ठेकेदार की चालाकियों और खामियों को पकड़ गया, वहीं, इंजीनियर इसे क्यों नहीं पकड़ पाए। ऐसे में जेई से लेकर एक्सईएन स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गली निर्माण का यह है नियम
- गली में काम जेई की मौजूदगी में शुरू होगा।
- जेई गली में आने वाली निर्माण साम्रगी की जांच करेगा।
- जेई को समय-समय पर गली का निरीक्षण करना होगा और कमियों में सुधार करवाना होगा।
- जेई चल रहे कार्य की फोटो खींचकर एसडीओ और एक्सईएन को नियमित रूप से रिपोर्ट करेगा।
- एसडीओ और एक्सईएन निरीक्षण करेंगे।
कोट्स
गलियों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया है। कई खामियां सामने आई हैं। ठेकेदार को चार दिनों का समय दिया गया है, सभी गलियों को वह दुरुस्त करेगा। यदि ठेकेदार सही नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - वीर शांति स्वरूप, अध्यक्ष, नगर परिषद