रेलवे को अभी तक साढ़े 17 लाख का फटका
डेरा प्रकरण के चलते 25 अगस्त से ही बंद है 18 गाड़ियों का परिचालन
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
यात्रा के लिहाज से सबसे सुगम संसाधन समझे जाने वाली रेल सेवा सिरसा में पिछले एक सप्ताह से बंद है, जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लंबी दूरी की रोडवेज बस सेवा भी शुरू नहीं हुई है।
स्थिति ये है कि बठिंडा, रेवाड़ी, हिसार और दिल्ली आदि स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को बस सेवा का ही सहारा लेने पर मजबूर हैं। इसके लिए उन्हें रेल की अपेक्षा बस का कहीं अधिक किराया देना पड़ रहा है। उक्त स्थानों पर जाने वाले यात्री प्रतिदिन अपेक्षा कर रहे हैं कि इस मार्ग पर जल्द से जल्द रेल सेवाएं आरंभ हों, ताकि उन्हें सेवा का लाभ मिल सके।
वहीं इस सिलसिले में स्थानीय रेलवे विभाग के अधिकारी हरीश कुमार ने बताया कि बीती 25 अगस्त से ही सिरसा रेलमार्ग पर रेलों का आवागमन बंद है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 18 रेलों का विभिन्न रूटों पर परिचालन होता है जो फिलहाल पूरी तरह से बंद है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मार्ग पर रेल सेवा आरंभ किए जाने की स्वीकृति नहीं मिली है। रेलवे का इस रूट पर परिचालन न होने से रेलवे को प्रतिदिन करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। बीती 25 अगस्त से इस रूट पर बंद रेलगाड़ियों के कारण रेलवे विभाग को अब तक करीब साढ़े 17 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सेना के जवान तैनात है। दूसरी ओर रोडवेज बस सेवा भी हिसार और डबवाली तक ही सीमित रही, जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।