डेरा के बाहर सूनी सड़कें तो दीवार के पीछे पसरा सन्नाटा
डेरा से आधा किमी दूर तैनात है सेना, डेरा से बाहर जाने वाले रास्तों पर नहीं है फोर्स
ग्रामीण बेखौफ खेतों में कर रहे हैं काम, सेवादार सड़कों पर उतार रहे हैं झंडिया
सेना ने बेगू में डाला नाका, डेरा की ओर जाने वाला रास्ता किया सील
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
डेरा सच्चा सौदा से फोर्स काफी दूर तैनात की गई है। प्रशासन की डेरा में घुसने की कोई योजना नहीं दिखाई दे रही है। डेरा के लोग बेखौफ होकर वाहनों में सवार होगा अरनियांवाली, नटार और रंगडी की ओर आ जा सकते हैं। शाह सतनाम चौक से लेकर पुराना डेरा तक पूरी सख्ती बरती गई है। डेरा के आसपास की हर कॉलोनी की घेराबंदी जरूर की गई है। सुरक्षा व्यवस्था हरियाणा पुलिस, शस्त्र सीमा बल और आईटीबीपी के हवाले की गई है। डेरा श्रद्धालुओं पर सेना का खौफ जरूर दिखाई दिया।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को डेरा सच्चा सौदा नया डेरा के आसपास का दौरा किया तो हर ओर सन्नाटा पसरा हुआ था। डेरा प्रेमियों का दर्द चेहरे पर साफ झलकता है पर बोलता कोई कुछ नहीं है। आसपास के गांव के लोग मौन हैं और अपने काम में मस्त हैं। सुबह 11.45 पर नेशनल हाईवे से जैसे ही बाजेकां की ओर रुख किया तो पुलिस और सेना के जवानों ने रोककर गहन तलाशी ली। बाजेका गांव में सड़क पर दूर तक कोई दिखाई नहीं दिया। इसके बाद 11.55 पर जैसे ही नेजिया क्षेत्र में प्रवेश किया तो बैलगाड़ी पर सवार ओमपती और मनीता मिले जो खेत से हरा चारा लेकर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके गांव में पूरी शांति है, शहर और डेरा में क्या हो रहा है उन्हें न पता नहीं। उन्हें इतना जरूर पता है कि गांव भी कर्फ्यू क्षेत्र में है पर सारे काम रोजाना की भांति हो रहे हैं।
इसके बाद रास्ते में डेरा की ओर से बनाया गया नाका आया। पुलिस नाका पर ताला पड़ा हुआ और उसके बाईं ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर करीब 20-25 डेरा श्रद्धालु सड़कों पर लगाई बंदरबार और झंडिया उतारने में लगे हुए थे, जिन्हें डेरा प्रमुख के जन्मदिन माह को लेकर लगाया गया था। अधिकतर ने मौन साधा हुआ था कुछ ने कहा कि शांति है। गांव नेजिया में घुसे तो पता चला कि वहां पर शाह मस्ताना जी द्वारा स्थापित किया गया आश्रम सील किया हुआ है, जिसे लेकर लोग दुखी दिखाई दिए। ऊंटगाड़ी पर सवार किसान प्रभुदयाल, मोहनलाल, दलीप और रामकुमार आदि ने बताया कि उनके गांव पर हमेशा शाह मस्ताना बाबा की कृपा रही है और वहां पूर्ण शांति है। उनके गावं मे कोई गड़बड़ नहीं है। इस गांव में आईटीबीपी के जवान जगह जगह तैनात दिखे।
जब नेजिया टी-प्वाइंट पर पहुंचे तो डेरा की ओर जाने वाला रास्ता अवरोधक लगाकर बंद किया हुआ था और उस ओर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा था। लोगों को धिंगतानियां और चौपटा की ओर रवाना किया जा रहा था। मौके पर डीएसपी रवींद्र सिंह तैनात मिले।
करीब 12.10 पर डेरा की ओर से दो युवक बैग लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस ने रायफल तानते हुए रोका और बैग की तलाशी ली। युवकों ने अपनी पहचान विक्कर सिंह निवासी गांव पातड़ा पंजाब और हरनेक सिंह निवासी श्रीमुक्तसर साहिब के रूप में करवाई। उन्होंने बताया कि वे डेरा की एमएसजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं। डेरा में कोई नहीं है। फैक्टरी बंद कर दी गई है। वेतन मिलने की उम्मीद नहीं है ऐेसे में घर जाने में ही भलाई समझी। पुलिस ने उन्हें चौपटा जाने को कहा जहां से उन्हें डबवाली के लिए बस मिल जाएगी।
इसके बाद 12.20 पर डेरा के अस्पताल के सामने से गुजरे तो सन्नाटा पसरा हुआ था। एक दो कर्मचारी गेट पर तैनात था तो दूसरे गेट पर पुलिस का वाहन खड़ा हुआ था। अस्पताल परिसर में एक दो ही लोग घूम रहे थे। पता चला कि मरीज भी नहीं है। डेरा का सिनेमाघर और फूड पार्टी सेंटर वीरान दिखाई दिया। आगे गेट नंबर पांच पर कुछ सेवादार खड़े थे जिनके हाथ में मेटल डिटेक्टर थे। गेट नंबर तीन पूरी तरह से बंद था। डेरा के ठीक सामने का बाजार बंद था पर कु छ लोग बाहर घूम रहे थे। वे कुछ न बोले पर उनकी निगाहें बहुत कुछ कह गई। डेरा से आगे जाकर दाईं ओर कुछ मकान है और उनके बीच की कच्ची सड़क से अरनियांवाली की ओर से आसानी से बेखौफ आया जा सकता है। आप किसी भी प्रकार का वाहन लेकर आ जा सकते हैं वहां रोकने वाला कोई नहीं है। रंगडी होते हुए गांव बेगू में प्रवेश किया तो स्कूल के सामने नाका लगाया हुआ था। मौके पर तैनात एसएसबी के जवानों ने रोका, कार्ड देखा और अधिकारियों से कहा जनाब मीडिया वाले हैं, जवाब मिला डेरा की ओर नहीं जाना है गांव में जा सकते हैं। सड़क पार करते हुए गांव के बीच 12.40 पर पहुंचे। एक चौक पर कई लोग बैठे बात कर रहे थे गांव हालात के बारे पूछा शांति है, देखो ये दो प्रेमी भी है कोई डर नहीं है। इससे पहले की डेरा प्रेमियों से कोई सवाल करते वे उठकर चले गए।
दूसरी ओर शाह सतनाम चौक से पुराना डेरा तक कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया गया। सेना के जवान कुछ सुनने को तैयार नहीं। पुराना डेरा की ओर जाने से मीडिया कर्मियों को रोका गया कहा गया कि आदेश नहीं है। पुराना डेरा से पहले दोनों ओर डेरा श्रद्धालुओं की कॉलोनियां हैं। जिन्हें पूरी तरह से सील किया गया है। इन कॉलोनियां में 25 अगस्त के बाद आज बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
कर्फ्यू में मिली ढील में बाहर निकले दूध वाले को धुना
पुराना डेरा क्षेत्र निवासी अनिल कुमार, कृष्ण कुमार, विजय कुमार आदि ने फोन पर बताया कि प्रशासन की ओर से आदेश जारी किया गया कि शाह सतनाम चौक से नेजिया प्वाइंट तक शाम चार बजे से 6 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चे दूध के लिए परेशान थे। ढील के दौरान पुराना डेरा से गुरमैल सिंह अपने साथी के साथ टाटाएस लेकर कॉलोनी में दूध लेकर आ रहा कि पुलिस ने पकड़कर उनकी धुनाई की और दूध नहीं ले जाने दिया गया। दूसरी ओर पुलिस विजय को पकड़कर साथ ले गई।