शहर में सफाई अभियान रंग लाता दिखाई दे रहा है। महज सात दिनों में रिकॉर्ड तोड़ 1500 टन कचरा बाहर निकाला जा चुका है जो पहले 15 दिन में भी इकट्ठा नहीं होता था।
रोजाना की बात की जाए तो शहर से औसतन रोज 200 टन कचरा निकला गया। अंतिम दो दिन में कचरे की मात्रा घटकर 150-150 टन तक ही रही। उधर, शहर से निकले 1500 टन कचरे में से 60 प्रतिशत कचरा पॉलीथिन का था।
अब प्रशासन ने पॉलीथिन से निपटने के लिए विशेष योजना बनाने की ठानी है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यह सफाई अभियान यहीं खत्म नहीं होगा। अधिकारी और कर्मचारी अब सप्ताह में दो घंटे सफाई के लिए भी निकालेंगे।
पॉलीथिन की फैक्टरियों पर कसेंगे नकेल
शहर में साप्ताहिक सफाई अभियान के दौरान करीब 700-800 टन पॉलीथिन कचरे के रूप में निकला है। पॉलीथिन से जहां जमीन बंजर होती है वहीं लावारिस पशुओं के लिए पॉलीथिन श्राप बनकर सामने आया है।
जिला प्रशासन भी इसे गंभीर समस्या मानते हुए जल्द ही रोकने के उपाय खोज रहा है। प्रशासन पॉलीथिन बनाने वाली फैक्टरियों और दुकानों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
कचरा हटा, झाड़ियां नहीं
अमर उजाला की टीम ने बरनाला रोड पर घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, लेकिन कहीं भी कचरा नहीं नजर आया।
मगर सड़क किनारे उगी झाड़ियों को प्रशासन बरनाला रोड से नहीं हटा पाया। ये झाड़ियां लावारिस पशुओं के छिपने की जगह बनी हुई है।
सड़क किनारे उगी ये झाड़ियां हादसों को भी न्योता दे रही हैं। ऐसे ही लघु सचिवालय के बाहरी दीवारों के साथ उगी झाड़ियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी खतरा है।
इस दिन इतना उठा कचरा
तारीख कचरा (टन में)
1 नवंबर 202
2 नवंबर 200
3 नवंबर 198
4 नवंबर 400
5 नवंबर 200
6 नवंबर 150
7 नवंबर 150
निर्धारित स्थान पर डालें कचरा : बिश्नोई
नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने कहा कि सफाई अभियान की सफलता का श्रेय प्रशासनिक अधिकारियों और नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को देना चाहिए, जिन्होंने लोगों को जागरूक किया।
अंतिम दो दिन सफाई अभियान में कम कचरा मिला है। उम्मीद है लोग जागरूक हो रहे हैं। कचरे को सड़क या खाली प्लांट में डालने की बजाय डस्टबिन लगाकर निर्धारित स्थान पर ही डालें।
लावारिस पशुओं का भी निकालेंगे समाधान : चहल
एसडीएम परमजीत सिंह चहल ने बताया कि यह अभियान केवल सात दिनों तक सिमटकर नहीं रहेगा, बल्कि हर सप्ताह सफाई पर दो घंटे लगाए जाएंगे, जिससे हमारा शहर साफ सुथरा बना रहे।
एसडीएम ने कहा लोगों की सोच में बदलाव आए यही इस अभियान का मकसद है। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन को कचरे में आने से रोकने के लिए जल्द ही कड़े फैसले लिए जाएंगे। इसमें लावारिस पशुओं के बारे में समाधान भी निकाला जाएगा।