गांव बकरियांवाली इस समय कचरे का ढेर सा बना हुआ है। गांव में शहर से रोजाना 200 टन कचरा पहुंच रहा है।
लेकिन यहां स्थित डिस्पोजल प्लांट में रोजाना सिर्फ 20 से 25 टन ही कचरा रिसाइकिल हो पा रहा है। इस दौरान भी सिर्फ पांच टन खाद ही निकल रही है।
गौर किया जाए तो रोजाना इस जगह पर 175 टन कचरा बच रहा है। इतने टन कचरे के बच जाने के बाद अगलेे दिन फिर से उतने ही टन कचरा फिर आ जाता है,
जिससे डिस्पोजल प्लांट में हजारों टन कचरा जमा हो गया है। इस कचरे के कारण गांव वासी बेहद परेशान हैं। गांव को कचरे के ढेर में तब्दील होता देख लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
वहीं जब प्रशासन से इस बारे में बात की तो प्लांट में बड़ी मशीन लगाने की बात कही गई। प्लांट में बड़ी मशीन लगाने के बाद बड़ी मात्रा में कचरे से खाद बनाई जा सकेगी।
कम से कम रोजाना 100 टन कचरे से खाद बननी चाहिए, जो आंकड़ा फिलवक्त महज 25 टन का है।
बदबू से खेत जाना मुश्किल
डिस्पोजल प्लांट के साथ गांव के राजेंद्र कड़वासरा का खेत है। राजेंद्र ने बताया कि प्लांट से कचरा उड़कर उनके खेतों में आ रहा है।
पॉलिथिन, कपड़ा खेतों में आने से जब भी मशीन खेतों में लगाते हैं तो उनमें ये कचरा फंस जाता है। प्लांट से इतनी बदबू आती है कि वहां पांच मिनट भी खड़ा नहीं हो सकते।
राजेंद्र ने बताया कि गांव के लोग कई बार इस मामले को प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रशासन हर बार दीवार ऊंची करा देता है।
पर कचरे की मात्रा दोगुनी मात्रा से बढ़ रही है, जिससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। कचरे के साथ ही खेत होने से दीवारों के साथ लगे पेड़ों पर जहरीले जीव पनप रहे हैं जो उनके खेतों में घुस जाते हैं।
जहरीले जीवों के डर से वे रात को खेत में पानी नहीं दे सकते दिन में ही पानी देना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए।
यह बोले मुख्य सफाई निरीक्षक
नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि रोजाना सैकड़ाें टन कचरा बकरियांवाली स्थित डिस्पोजल प्लांट में पहुंच रहा है।
इस कचरे से खाद बनाई जाती है। इस प्लांट में लगी मशीन की क्षमता कचरे के अनुसार कम है। रोजाना 25 टन कचरा ही रिसाइकिल हो पता है जिसमें से पांच टन की खाद के रूप में प्रयोग हो रहा है।
भारी मात्रा में कचरा रोजाना प्लांट में बच रहा है। नगर परिषद के ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्राले रोजाना वहां कचरा डाल रहे हैं।
डीसी से करेंगे बात : सीटीएम
इस बारे में नगराधीश निर्मल नागर ने बताया कि वे भी बकरियांवाली स्थित डिस्पोजल प्लांट का निरीक्षण करके आए थे।
उन्होंने वहां जाकर चेक किया कि रोजाना शहर से कितना कचरा वहां पहुंच रहा है। डिस्पोजल प्लांट में 202 टन कचरा पहुंचा था।
उन्होंने कहा कि वहां बड़ी मशीन लगाने की जरूरत है जल्द ही इस बारे में डीसी के साथ होने वाली बैठक में बात रखी जाएगी। जल्द ही सुधार किया जाएगा।
आज ही डीसी से मिलूंगा : सांसद
इस बारे में सिरसा के सांसद चरणजीत सिंह रोडी ने कहा कि भारी मात्रा में डिस्पोजल प्लांट तक कचरा पहुंच रहा है ये अच्छी बात है पर उस कचरे को रोजाना रिसाइकिल हो जाना चाहिए।
अगर कचरा बच रहा है तो ये गंभीर विषय है। इससे आसपास बसें लोगों को नुकसान होगा। साथ ही क्षेत्र में बीमारी फैलने का डर रहेगा। वे शुक्रवार को डीसी से मिलकर इस विषय पर बात करेंगे और जो भी हो सका रास्ता निकालेंगे।