सिविल अस्पताल की डेंगू पॉजिटिव स्टाफ नर्स की मौत, दो का निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
सिरसा। जिला के एकमात्र नागरिक अस्पताल में डेंगू पॉजिटिव स्टाफ नर्स नियुक्त एक महिला की रात्रि को हिसार के निजी अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि अभी अस्पताल प्रबंधन ने महिला की मौत डेंगू से होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने माना है कि स्टाफ नर्स डेंगू पॉजिटिव थी। यही नहीं अस्पताल के ही क्वार्टरों में रहने वाली एक स्टाफ नर्स और चिकित्सक की पत्नी भी डेंगू पॉजिटिव मिली हैं। जिनका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जबकि दो अन्य संभावित मरीजों का नागरिक अस्पताल में ही उपचार चल रहा है। महिला की मौत के बाद अस्पताल की मलेरिया अधिकारी डा. दीप, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश ने टीम सदस्यों के साथ क्वार्टरों का निरीक्षण किया। महिला कर्मचारी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा और आनन-फानन में रविवार को अस्पताल के वार्डों व क्वार्टरों के आसपास के एरिया में फोगिंग करवाई गई। जिले में इस वर्ष अब तक डेंगू के 68 केस सामने आ चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन ने क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों से एहतियात बरतने व समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाने की अपील की है।
जानकारी अनुसार क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला नागरिक अस्पताल में पिछले करीब दस वर्षों से बतौर स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत थी। महिला की ड्यूटी अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में थी। पिछले करीब 5 दिनों से महिला को बुखार था। अस्पताल में स्थित लैब में करवाई जांच में महिला की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव पाई गई थी। जिसके बाद पिछले 5 दिनों से महिला कर्मचारी घर में ही उपचार ले रही थी। शनिवार की रात्रि को अचानक महिला की तबियत बिगड़ गई। जिस पर परिजन उसे लेकर पहले सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा रैफर कर दिया। लेकिन परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए। सिरसा के निजी अस्पताल के डॉक्टर ने भी जांच के बा द उसे हिसार रैफर कर दिया। हिसार के निजी अस्पताल ने उसकी नाजुक स्थिति को देखकर दिल्ली रैफर कर दिया गया। लेकिन दिल्ली ले जाते वक्त महिला की रास्ते में ही मौत हो गई।
एक इमरजेंसी और एक चिकित्सक की पत्नी भी डेंगू पॉजिटिव
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में कार्यरत स्टाफ नर्स भी पांच दिनों से डेंगू से पीड़ित है। जिसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं दूसरी पीड़िता एक चिकित्सक की पत्नी है और उसका उपचार भी निजी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के ही करीब दो स्टाफ सदस्यों व एक चिकित्सक की पत्नी के डेंगू पॉजिटिव पाए जाने पर बाकी स्टाफ सदस्यों में डेंगू को लेकर भय का माहौल पैदा हो गया है। अस्पताल में डेंगू के मरीजों का इलाज करने के लिए एक अलग से वार्ड है ,लेकिन उसमें सुविधाओं का अभाव है। सुविधाओं के अभाव के कारण सिविल अस्पताल में कोई इलाज नहीं करवा सकता। मरीजों के लिए मच्छरदानियां तक भी उपलब्ध नहीं है।
कोट्स:
महिला की रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव थी, लेकिन उसके प्लेटलेट्स एक लाख से अधिक थे। इसलिए इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि महिला की मौत डेंगू से हुई है। हां, पिछले पांच दिनों से महिला बीमार थी और उसे बुखार था। जिसका उपचार चल रहा था। क्वार्टरों में सर्वे करवाया गया है। सांय को फोगिंग करवाई गई है।
-डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन सिरसा।
कोट्स:
-महिला कर्मचारी की रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव थी। लेकिन उसकी मौत डेंगू से हुई या नहीं इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। अस्पताल की दो और स्टाफ नर्सें डेंगू पॉजीटिव पाई गई हैं। जिनका उपचार चल रहा है। एहतियात के तौर पर सांय को क्वार्टरों के आसपास फोगिंग करवाई जाएगी। अस्पताल के वार्डों में भी मच्छरों से बचाव के लिए स्प्रे करवाया गया है।
-डॉ. दीप, मलेरिया अधिकारी, सिरसा।