राजनीतिक एवं सामाजिक हितों के लिए करना होगा संघर्ष: भूपेश मेहता
सिरसा। राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के तत्वावधान में झूंथरा वाटिका में गुरुपर्व पर पंजाबी सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें पंजाबी समाज के हजारों लोगों ने मंच सांझा किया। कार्यक्रम का आगाज गुरुनानक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से गुरुवाणी के माध्यम से किया गया। इस मौके पर कथावाचक गुरलाल रंगा ने गुरुनानक देव जी के जीवन के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर भूपेश मेहता ने कहा कि जितने भी पंजाबी भाषा से जुड़े लोग यहां आए हैं, वे सामूहिक रूप से अपने राजनीतिक एवं सामाजिक हितों को लेकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका यह मंच केवल और केवल सम्मेलन तक सीमित नहीं है। बल्कि इस मंच के माध्यम से सभी राजनीतिक पार्टियों एवं पंजाबी संगठनों की कमेटियां बनाकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
मेहता ने कहा कि इस विराट कार्य के लिए वे समूचे पंजाबी समाज से प्यार और सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी पंजाबी महासभा के उद्देश्यों और लक्ष्यों की दिशा में कार्य करते हुए समाज की भलाई के लिए कार्य करते रहें ताकि गुरुनानक देव की शिक्षाओं पर अमल हो सके। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे समाज के हित के लिए कार्य करते रहें। कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मेहता ने कहा कि पंजाबियों का इतिहास कुर्बानियों भरा रहा है। कौम के लिए दी गई कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाने दी जाएगी और इस मेहनतकश कौम ने सदैव देश व समाज के विकास में अपना अतुलनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान पंजाबी महासभा की ओर से समाज के सभी वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके साथ-साथ जिला इकाई, महिला विंग, युवा इकाई, युवा महिला विंग के पदाधिकारियों व सदस्यों को भी सरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर बाहर से आए हुए अतिथियों को आयोजकों की ओर से मोतियों की माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। पंजाबी सम्मेलन में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनिल ठक्कर, महासचिव सुरेंद्र जुनेजा, पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष अतुल नागपाल, हरियाणा पंजाबी मोर्चा के अध्यक्ष एडवोकेट संतकुमार टूटेजा, अरुण मेहता, प्रदेश संरक्षक दीदार सिंह नलवी, प्रेम सिंह कंबोज, परमजीत माखा, डॉ. सुभाष नरूला, अमन लवली मोंगा आदि ने भी संबोधित किया।