स्टाफ के अभाव में यूजीसी ने सीडीएलयू को नए शैक्षणिक सत्र में दी 14 में से एक ही कोर्स चलाने की अनुमति
एक अक्टूबर तक बीए में होंगे एडमिशन, चार हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं 14 कोर्स में
सनमीत सिंह थिंद सिरसा।
सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी सेंटर फार डिस्टेस लर्निंग डिपार्टमेंट में नए सेशन 2018, 19 में 14 कोर्स के एडमिशन शुरू होने के आसार कम हो गए है। क्योंकि यूजीसी ने यूसीडीएल के इन कोर्स को चलाने की अनुमति नहीं दी। यूजीसी से केवल एक ही कोर्स शुरू करने की अनुमति सीडीएलयू को मिली है। सीडीएलयू ने यूसीडीएल के माध्यम से 2006,07 में कोर्स शुरू किए थे। करीब चार हजार विद्यार्थी इसके माध्यम से 14 कोर्स में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यूजीसी का तर्क है कि आपके पास कोर्स चलाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। एक कोर्स के लिए तीन प्राध्यापक चाहिए। जिसमें एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर होना जरूरी है। जबकि सीडीएलयू के पास एक कोर्स में केवल एक असिस्टेंट प्रोफेसर ही है। इसलिए कोर्स चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीडीएलयू केवल बीए कोर्स ही चला सकते हैं।
सीडीएलयू ने जुलाई में यूजीसी में अपने 14 मौजूदा कोर्स को लेकर प्रजेंटेशन दी थी और पांच नए कोर्स चलाने की अनुमति मांगी थी। जिसमें हिंदी, पंजाबी, संस्कृति, ज्योग्राफी व इतिहास शामिल है। वहीं यूजीसी ने नौ अगस्त को सीडीएलयू को पत्र भेजकर 14 कोर्स को होल्ड कर दिया है। बीए में भी अबकी बार एक अक्टूबर तक ही एडमिशन कर सकते हैं। इसके बाद एडमिशन नहीं होंगे। जबकि इससे पहले सीडीएलयू दिसंबर तक एडमिशन प्रक्रिया जारी रखता था। इस आदेश के बाद सीडीएलयू ने बीए के कोर्स के लिए प्रोस्पेक्टस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दो दिन पहले बैठक भी हो गई।
अंतिम चांस 30 दिन के अंदर पुन आवेदन करें
यूजीसी ने सीडीएलयू के सेंटर फार डिस्टेंस लर्निंग को इस निर्णय के खिलाफ 30 दिन के अंदर पुन आवेदन व अपील करने का समय दिया है। सीडीएलयू के पास नौ अगस्त को आदेश आ गए। अब विश्वविद्यालय दोबारा से अपनी प्रजेटेंशन तैयार करेगा, जिसमें कि वह एक कोर्स में तीन प्राध्यापकों का क्राइटेरिया पूरा करेगा। यदि इसके बाद भी यूजीसी सीडीएलयू के इस प्रजेटेंशन से संतुष्ट नहीं होती तो विश्वविद्यालय डिस्टेंस के कोर्स में नए शिक्षा सत्र में एडमिशन नहीं कर पाएगा। ये यूजीसी के सख्त निर्देश है।
ये हैं कोर्स
बीसीए, एमसीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, पीजीडीसीए, एम इंग्लिश, बीए, एमए एजुकेशन, बीए मास कम्युनिकेशन, एमए मास कम्युनिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए इंवायरमेंट, बी कॉम, एमबीए, पीजीडीएम कोर्स चल रहे थे। जबकि हिंदी, जियोग्राफी, इतिहास, पंजाबी, संस्कृति कोर्स के लिए आवेदन किया था।
कोट्स
यूजीसी ने इन कोर्स को चलाने की अनुमति देने की प्रक्रिया को होल्ड कर लिया है। हम 30 दिनों के अंदर दोबारा से प्रजेंटेशन देंगे और जो कोर्स चलाने के नियम है, उन्हें पूरा करेंगे।
प्रोफेसर सुल्तान सिंह, डायरेक्टर, यूसीडीएल, सीडीएलयू।
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परीक्षा के पहले दिन रोल नंबर न मिलने पर छात्रों को पहले दिन उठानी पड़ी दिक्कतें
परीक्षा का सेंटर सिरसा में जेसीडी कॉलेज बनाया गया था। छात्रों के आरोप है कि सीडीएलयू ने रोल नंबर व डेटशीट नहीं भेजी। समाजसेवी आंनद बियानी ने बताया कि उनकी एक जानकार शिल्पा कंबोज ने आन लाइन ही रोल नंबर अंतिम समय में निकाला। लेकिन उसमें भी कंडीशन दी थी कि रोल नंबर अटेस्टेड करवाया जाए। वे खुद भी रोल नंबर दिलाने के लिए सीडीएलयू गए। वहीं पहले दिन परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों से आए विद्यार्थी जननायक चौधरी देवीलाल कॉलेज और चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के नाम को अंतर नहीं समझ पाए और परीक्षा देने के लिए सीडीएलयू में पहुंच गए। गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मचारियों ने छात्राओं और अभिभावकों को परीक्षा केंद्र जेसीडी में होने की सूचना दी। परीक्षार्थियों का कहना है कि डेट शीट न मिलने के कारण उन्हें नहीं पता चला रहा कि परीक्षा कहां पर आयोजित हो रही है। बता दे कि सीडीएलयू के डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई करने वाले छात्रों ने पुस्तकें भी समय पर न उपलब्ध करवाने की आरोप लगाए थे।
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