नारकोटिक्स एनॉनिम्स संस्था दिलाएगी हर प्रकार के नशे से मुक्ति
सिरसा। आप किसी भी प्रकार का नशा करते हैं और उस नशे को छोड़ना चाहते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। नारकोटिक्स एनॉनिम्स संस्था के साथ जुड़कर आप नशे से स्वयं मुक्ति पाने के साथ दूसरे लोगों का भी जीवन संवार सकते हैं। 1963 में इंग्लैंड में शुरू हुई संस्था की वर्तमान में 139 देशों में शाखाएं चल रही हैं। हर रविवार को संस्था से जुड़े सदस्यों की 70 हजार से अधिक बैठकें होती हैं। अब तक लाखों लोग इस संस्था से जुड़कर नशे को हमेशा के लिए तौबा कर चुके हैं। संस्था से जुड़े सभी लोग इससे पूर्व किसी न किसी नशे के शिकार थे। बड़ी बात ये है कि संस्था के सदस्य बिना किसी खर्च के नशे से ग्रस्त लोगों को नशे की दलदल से निकालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
संस्था सदस्यों ने बताया कि नारकोटिक्स एनॉनिम्स द्वारा 65 भाषाओं में नशा छुड़वाने के लिए किताबें व सूचना पुस्तिकाएं प्रकाशित करवाई गई है। इन किताबों व सूचना पुस्तिकाओं में नशा छोड़ चुके लोगों की पूरी कहानियां बयां की गई है। जिसमें उन्होंने बताया है कि किस प्रकार वे नशे की चपेट में आए और नशे के कारण उनकी जिंदगी पर क्या-क्या प्रभाव पड़ा। इन पुस्तिकाओं में नशा छोड़ने वालों ने ये भी बताया कि वे नशा छोड़ने के लिए कैसे संस्था के संपर्क में आए और कितने समय बाद उन्होंने नशे को त्यागकर फिर से एक बेहतर जिंदगी की शुरूआत की।
हरियाणा में 5 माह के दौरान सौ से अधिक लोगों का छुड़वा चुके हैं नशा:
संस्था से जुड़े सदस्यों ने बताया कि हरियाणा में करीब 5 माह पूर्व नशामुक्ति को लेकर एक अभियान चलाया गया था। शुरू में 10 से 12 लोग अभियान को साथ लेकर आगे बढ़े थे। जो संख्या आज 150 से 200 तक पहुंच गई है। संस्था के सदस्य 5 माह के दौरान 100 से अधिक लोगों का नशा छुड़वाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में फिर से जोड़ चुके हैं। अकेले सिरसा में 13 लोगों का अब तक नशा छुड़वा चुके हैं। पंजाब में सबसे अधिक 1500 लोगों को संस्था के सदस्य नशा छुड़वा चुके हैं।
जो लोग संस्था से जुड़े हुए हैं। वे सभी इससे पहले किसी न किसी प्रकार के नशे के शिकार थे।
हैल्पलाइन नंबर किया जारी
नशे के गर्त में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए लोगों का भी सहयोग जरूरी है। इसके लिए उन्होंने एक हेल्पलाइन नंबर 99919-57863 जारी किया है। इस हैल्पलाइन नंबर पर कोई भी व्यक्ति जो नशे की गर्त में फसा हुआ है। संपर्क कर नशा छोड़ने के लिए सुझाव ले सकता है। इसके साथ-साथ संस्था से जुड़कर खुद की जिंदगी के साथ-साथ अन्य लोगों की भी जिंदगी को बचा सकता है।
हरियाणा में हैं 150 से 200 सदस्य:
बता दें कि पूरे हरियाणा में इस संस्था से 6 माह के दौरान 150 से 200 लोग जुड़ चुके हैं। जबकि सिरसा में फिलहाल 30 सदस्य संस्था के नक्शे कदम पर चलकर लोगों की जिंदगी को संवार रहे हैं। हरियाणा में चंद लोगों से शुरू हुई सदस्यों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। धीरे-धीरे ही सही। लेकिन नशा करने वाले लोग अब नशे से तौबा कर स्वयं के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम कर रहे हैं।
सिरसा में हर रविवार सिविल अस्पताल के नशामुक्ति केंद्र में होती है बैठक:
बता दें कि सिरसा के सिविल अस्पताल में बने नशामुक्ति केंद्र में संस्था के सदस्यों की हर रविवार बैठक होती है। बैठक में संस्था से जुड़े लोगों के साथ-साथ जो लोग नशा छोड़ रहे हैं, वो भी शामिल होते हैं। बैठक में संस्था के सदस्य किसी व्यक्ति के नशा शुरू करने से लेकर उसके छोड़ने तक को लेकर विस्तार से चर्चा करते हैं। संस्था सदस्यों ने आह्वान किया है कि जो भी व्यक्ति संस्था के साथ जुड़ना चाहता है। वो मीटिंग में भाग ले सकता है। व्यक्ति की पहचान नहीं दर्शाई जाएगी।