संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की सड़कों और गलियों में 25 फीसदी स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हैं। इसका खुलासा मंगलवार रात को जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल की ओर से किए गए निरीक्षण में हुआ है। बंद स्ट्रीट लाइट्स की निरंतर शिकायत आने पर नगर आयुक्त जांच करने के लिए फील्ड में उतरे। अपने आवास से जब वे बरनाला रोड पर निकले तो देखकर हैरान रह गए कि मुख्य रोड पर ही 28 स्ट्रीट लाइट बंद हैं।
इसके बाद उन्होंने शहर के विभिन्न बाजारों और मुख्य सड़कों का डेढ़ से दो घंटे तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 5000 में से 1200 स्ट्रीट लाइट बंद मिलीं। इस पर जिला नगर आयुक्त ने पहले नगर परिषद की लाइट शाखा के कर्मचारियों को फटकार लगाई। इसके बाद ठेकेदार को प्रति स्ट्रीट लाइट 50 रुपये यानी 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही ठेकेदार को तीन दिनों में सभी लाइट्स को सुचारू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेताते हुए कहा कि तीन दिन बाद पुन: जांच की जाएगी। यदि लाइटें दुरुस्त नहीं मिली तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मंगलवार रात को साढ़े 8 बजे जिला नगर आयुक्त शहर की स्ट्रीट लाइट की जांच के लिए निकले। इस दौरान नगर परिषद की इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारी उनके साथ रहे। नगर आयुक्त ने बरनाला रोड, सुरखाब चौक, वाल्मीकि चौक, हिसारिया बाजार, रोड़ी बाजार, रानियां रोड, सांगवान चौक, बेगू रोड, जनता भवन रोड सहित विभिन्न क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की जांच की। इस दौरान लाइट्स बंद मिलीं। मिनी बाइपास पर जहां रात के समय भारी वाहन गुजरते हैं, वहां पर भी सभी लाइटें बंद थी।
जानकारी के अनुसार ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइट्स के रखरखाव के लिए 6 लोगों को स्टाफ लगाया हुआ है। इसके बाद भी नियमित रूप से स्ट्रीट लाइट दुरुस्त नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं, प्रति माह सवा दो लाख से लेकर 2.40 लाख रुपये तक ठेकेदार को मरम्मत के लिए दिए जाते हैं। इसके बाद भी लोगों को अंधेरे में गुजरना पड़ता है।
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टाइमर सिस्टम होने के बाद भी बरती जा रही लापरवाही
शहर में स्ट्रीट लाइट जलाने को लेकर टाइमर सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। टाइम के हिसाब से ही लाइट जलती है और बुझ जाती है। आधुनिक तकनीक होने के बाद भी स्ट्रीट लाइट मॉनिटर करने वाले कर्मचारी व अधिकारी जांच तक नहीं कर पाए। बता दें कि स्ट्रीट लाइट मरम्मत कार्य लंबे समय से विवादों में रहा है। पूर्व में हुए कुछ कार्य की जांच तो अभी तक एडीसी की अध्यक्षता की कमेटी कर रही है, जिसमें भी कार्रवाई होने बाकी है।
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बड़े दुकानदारों को लगाई फटकार
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान पाया कि रात 9 बजे और साढ़े 9 बजे के बीच दुकान बंद करके घर जाने वाले शोरूम संचालक व दुकानदार सड़कों पर दिनभर का कचरा डालते हैं। कुछ दुकानदार जिला नगर आयुक्त को मौके पर कूड़ा डालते हुए मिले। उन्होंने उन्हें फटकार लगाते हुए समझाया कि कचरा सड़कों पर डालना गलत है। डोर-टू-डोर कचरा उठान वाली गाड़ी में ही डाले। यदि भविष्य में दुकान बंद करने या खोलने के दौरान कचरा सड़क पर डालते हैं तो जुर्माना किया जाएगा।
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निरीक्षण के दौरान काफी स्ट्रीट लाइट्स बंद मिली हैं। ठेकेदार को तीन दिनों को समय दिया है। तीन दिनों के बाद निरीक्षण होता है। यदि सभी लाइट दुरुस्त नहीं हुई, तो विभागीय कार्यवाही की जाएगी। लोगों से भी अपील है कि दुकान खोलने व बंद करने के दौरान कचरा सड़कों पर न डाले। शहर आपका है और इसको स्वच्छ बनाना आपका कर्तव्य है। - सुरेंद्र बैनीवाल, जिला नगर आयुक्त, सिरसा।
मैं सालासर गया हुआ था, इसलिए जिला नगर आयुक्त से मुलाकात नहीं कर पाया। मेरी तरफ से लगाई सिर्फ 100 से 150 लाइटें ही खराब हैं। आठ कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। अन्य कंपनी की ओर से लगाई गई लाइटें खराब हैं, जो कंपनी के स्तर पर दुरुस्त की जानी है। - दलीप कुमार, ठेकेदार, स्ट्रीट लाइट।