सिरसा। स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के बर्खास्त कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने धरने का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित भी किया।
जिलेभर में तैनात कर्मचारियों ने विभाग द्वारा बर्खास्त किए जाने व नई भर्ती का पत्र जारी करने के बाद व स्वास्थ्य मंत्री के अस्पताल की परिधि के दो किलोमीटर तक के क्षेत्र में धारा 144 के आदेश जारी करने के बावजूद हड़ताल जारी है। विभागीय अधिकारी अपनी ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता होने के बेशक दावे करे, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्तमान में स्थिति काफी दयनीय है। जिन सेंटरों पर रोजाना 200 से 250 की ओपीडी होती थी, आज वहां महज 40 से 50 लोग आ रहे हैं, लेकिन वो भी उपचार न मिलने के कारण निराश होकर वापस लौट रहे हैं। विभाग के अधिकारी जनता के साथ-साथ सरकार को भी गुमराह कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उपचार के लिए आ रहे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला प्रधान कुंदन सिंह गावड़िया ने सरकार की तानाशाही को लेकर कर्मचारियों में खासा रोष है। प्रधान ने बताया कि पिछले वर्ष भी सरकार ने कर्मचारियों को बर्खास्त किया था, लेकिन उनके संघर्ष के आगे उन्हें पुन: कर्मचारियों को काम पर लेना पड़ा। इस मौके पर सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैक ड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।
इन केंद्रों पर स्थिति है खस्ता: गौरतलब हो कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर इस वक्त स्थिति काफी दयनीय है। विभाग के मुताबिक शहर में खैरपुर, थेहड़ मोहल्ला, चत्तरगढ़पट्टी, इंद्रपुरी मोहल्ला सहित पांच केंद्रों पर जहां रोजाना 200 से 250 की ओपीडी होती थी, आज वो संख्या घटकर 40 से 50 रह गई है। वहीं ये मरीज भी कर्मचारी न होने पर सेंटर से निराश ही लौट रहे हैं। शहरी क्षेत्र में एक सेंटर पर पांच कर्मचारी तैनात हैं, जोकि एनएचएम के तहत आते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालत काफी बिगड़े हुए हैं। कई स्वास्थ्य केंद्र तो ऐसे हैं, जहां कोई स्टाफ ही नहीं है।