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एनएचएम कर्मचारियों ने बारिश के बीच भैंस के आगे बजाई बीन

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
विभिन्न मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के बर्खास्त कर्मचारियों ने सोमवार को गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए भैंस के आगे बीन बजाकर रोष प्रदर्शन किया। महिला प्रदर्शनकारियों ने भैंस के आगे नारेबाजी की।
उधर, जिला प्रधान कुंदन गांवडिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की सरकारी पक्ष से दोपहर बाद बात हुई थी पर कोई नतीजा नहीं निकला, अब गेंद सरकार के पाले में है। अब अन्य मांगों के साथ-साथ नियमितिकरण की मांग को लेकर सभी 22 जिलों में रोष प्रदर्शन होगा।
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नागरिक अस्पताल के पार्क में सोमवार को बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन सोेमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक थीं और इस बारे महिलाएं काफी रोष में थीं। करीब सवा बारह बजे जैसे ही बूंदाबांदी शुरू हुई तो प्रदर्शनकारी दरी उठाकर पेड़ के नीचे खडे़ होकर नारेबाजी करने लगे। बूंदाबांदी कर्मचारियों के जोश को कम नहीं कर पाई। इस दौरान समस्या तब आई जब कर्मचारियों को भैंस नहीं मिल रही थी, जिसके आगे बीन बजाई जा सके। जिस पशुपालक की भैंस लानी थी उसने कहा कि भैंस लेकर जानी है तो कैंटर में लेकर जाना। ऐसे में कैंटर नहीं मिला। बाद में पता चला कि अस्पताल के सामने स्थित हुडा पार्क में नहर के किनारे पर भैंस बंधी हुई है। ऐसे में सभी प्रदर्शनकारी बैनर आदि लेकर पार्क की ओर रवाना हुए। जैसे ही बरसात तेज हुई तो आधे प्रदर्शनकारी चाय वालों की दुकान के आगे त्रिपाल के नीचे खड़े हो गए। कुछ प्रदर्शन बीन बजाते हुए पार्क को पार कर मीडियाकर्मियों के साथ नहर पर पहुंचे और भैंस के आगे बीन बजाई। सच्चाई यह रही कि बीन बजाने का भैंस पर वाकई कोई असर नहीं हुआ। भैंस सीधे ही खड़ी रही।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सीएमओ को पत्र भेजकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से बाहर करने को कहा गया है। सीएमओ ने इस बारे में प्रदर्शनकारियों के नेताओं को बता दिया था। बावजूद इसके कर्मचारी अभी तक अस्पताल परिसर में ही धरना दिए गए है। जिला प्रधान कुंदन सिंह गावड़िया ने बताया कि विभाग के एडमिन डायरेक्टर और राज्य कमेटी के मेंबर सुरेंद्र गौतम, ने सरकार को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है, लेकिन उक्त अधिकारी और कमेटी मेंबर सरकार को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में दोनों के प्रति खासा रोष है।
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प्रधान ने बताया कि उनकी कमेटी के प्रतिनिधिमंडल की सरकारी पक्ष से बात हुई पर कोई नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में अब तय किया गया कि अन्य मांगों के साथ-साथ सभी क र्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग को लेकर 22 जिलों में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया हैै। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से सुचारु होने की बात कह रहे हैं, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। इस हड़ताल के चलते सबसे अधिक प्रभावित एंबुलेंस सेवा हुई है। इस मौके पर सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे। उधर, सीएमओ गोबिंद गुप्ता ने कहा कि हड़ताल के चलते किसी भी प्रकार का कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। सभी कार्य नियमित स्टाफ ने संभाल लिए हैं। उधर नागरिक अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिन की भांति चली तो दवा लेने वालों की कतार पहले जैसी दिखीं।
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