फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समस्या लेकर मिलने पहुंची शहर की सरकार को डीसी ने कहा ‘गेट ऑउट’

विज्ञापन
विज्ञापन
समस्या लेकर मिलने पहुंची शहर की सरकार को डीसी ने कहा ‘गेट आउट’
विज्ञापन

नगर पार्षदों ने उपायुक्त से कहा शहर में लावारिस पशुओं की भरमार है, कैसे घोषित कर दिया कैटल फ्री सिरसा
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
शहर में सफाई और सड़क निर्माण के मुद्दे को लेकर डीसी से मिलने पहुंची शहर की सरकार यानि नगर परिषद हाउस के सभी पार्षदों को बड़ी फजीहत झेलनी पड़ी। सत्ता पक्ष नगर परिषद अध्यक्ष से लेकर विपक्षी पार्षदों ने विकास के नाम पर डीसी प्रभजोत सिंह को घेरा तो डीसी ने नप पार्षदों को सीधा कहा ‘गेट आउट’। डीसी के मुंह से ये शब्द सुनकर नप अध्यक्ष शीला सहगल सहित तमाम बीजेपी पार्षद हैरान रह गए। बीजेपी पार्षद ये कहते हुए डीसी के कमरे से बाहर निकले कि ‘काहे की हमारी सरकार, कोई ऑफिसर सुनवाई नहीं करता, पिछली सरकारों में अधिकारियों की क्या हिम्मत थी जो जन प्रतिनिधियों से ऐसा बरताव करे। डीसी के बरताव से गुस्साई शहर की सरकार ने डीसी कार्यालय के गेट समक्ष धरना देकर डीसी मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
शहर के 31 वार्डों के नगर पार्षदों ने सरकार को सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। नगर पार्षदों की मांग है कि डीसी प्रभजोत सिंह धरनारत पार्षदों के बीच आकर माफी मांगे, जबकि डीसी ने धरनारत पार्षदों तक संदेश पहुंचाया कि वह उनके बीच नहीं आएंगे, नगर पार्षद उनके के पास आएं तो उनका स्वागत है। नप अध्यक्ष शीला सहगल का कहना है कि जब तक डीसी पार्षदों के बीच आकर माफी नहीं मांगते धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन

युवा भाजपा के शहरी प्रधान एवं नगर पार्षद सुनील बामनियां का कहना है कि नप अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी पार्षद अपने वार्डों में सड़क निर्माण व शहर में सफाई व्यवस्था की समस्या को लेकर बुधवार दोपहर उपायुक्त प्रभजोत सिंह से मिलने गए थे। पार्षदों ने डीसी से कहा कि उन्होंने आठ दिनों के अंदर गलियों के निर्माण के लिए टेंडर जारी करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं निकाला गया। वार्ड नंबर 15 के पार्षद विकास जैन से डीसी से कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और ऊपर से लावारिस पशुओं ने लोगों का जीना हराम कर रखा है। शहरभर में लावारिस पशुओं की भरमार है और आपने शहर को लावारिस पशु मुक्त किस आधार पर घोषित कर दिया। यह बात से डीसी बिफर पड़े और पार्षदों से कहा कि शहर को लावारिस पशु मुक्त घोषित किए जाने से आपको क्या तकलीफ नगर पार्षदों ने जवाब दिया कि झूठ से तकलीफ तो होगी ही, डीसी ने जवाब देते हुए कहा कि ‘आप इतना बोल रहे हो, तुमने क्या सहयोग दिया इस कार्य में।
नगर पार्षदों ने कहा कि डीसी साहब नगर पार्षदों ने तड़के चार बजे उठकर लावारिस पशुओं को शहर से बाहर निकलाने में नगर परिषद कर्मचारियों का सहयोग किया। शहर लावारिस पशु मुक्त नहीं हुआ है। हर जगह पशुओं की भरमार है। सरकारी कागजों में सिरसा जिला को कैटल फ्री घोषित करने से कुछ नहीं होगा, सच्चाई लोगों को पता है। नगर पार्षदों की ये बातें डीसी प्रभजोत सिंह को रास नहीं आई और उन्होंने पार्षदों से कहा ‘गेट आउट’।

देर शाम तक होती रही नारेबाजी
डीसी के अभद्र व्यवहार से गुस्साए नगर पार्षद देर शाम तक डीसी कार्यालय के गेट समक्ष धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। धरनारत नगर परिषद प्रधान शीला सहगल, ज्ञानो देवी, विकास जैन, विकास गुर्जर, राजेश गुर्जर, सुनील सहारण, रोहताश, पार्षद प्रतिनिधि सुनील बामनिया, राजू चाचा, दौलतराम सुखरालिया, राजेश शर्मा, गोपीराम सैनी, हरभजन डाबर, वार्ड 19 के नगर पार्षद प्रतिनिधि अमित सोनी, सुनील बहल आदि ने बताया कि डीसी को अपने किए की माफी उनसे मांगनी होगी। जनप्रतिनिधियों से इस प्रकार का बरताव उपायुक्त को शोभा नहीं देता। डीसी का काम समस्या का समाधान करना होता है न की जनप्रतिनिधियों को धमकाना। नगर पार्षदाें ने कहा जब तक डीसी माफी नहीं मांगते उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन


एक पार्षद को कहा था, सभी को नहीं
मेरे पर लग रहे आरोप गलत व बेबुनियाद हैं। डीसी कार्यालय में मर्यादा से ही बात होती है और मर्यादा का उल्लंघन करने पर एक पार्षद को चले जाने को कहा था, अन्य पार्षद उसके साथ चले गए। विकास कार्य को लेकर अलग से कमेटी का गठन किया हुआ है। इसलिए लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
-प्रभजोत सिंह, उपायुक्त सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें