अमर उजाला ब्यूरो
कालांवाली।
कालांवाली के एसडीएम बिजेंद्र सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय में धान की पराली को न जलाने बारे अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में धान की पराली को न जलाने बारे किसानों को जागरूक करें, उन्हें समझाएं कि पराली जलाने से वातावरण दूषित होता है और इसके काफी नुकसान होते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में धारा 144 लागू की गई है तथा पराली जलाने वाले लोगों के विरुद्ध संपठित वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 188 के तहत छह महीने की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि के समय दौरा कर निरीक्षण करें तथा जिन क्षेत्रों में पराली जलाई हुई मिले तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि रात के समय तहसीलदार और बीडीओ दौरा करें और संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सरपंचों, पटवारी और ग्राम सचिव की ड्यूटी लगाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पराली जलाई हुई मिले तो उसकी सूचना एसडीएम को दें। उन्होंने कहा कि सरपंचों को भी यह संदेश दें कि पराली न जलाने बारे वे गांव के लोगों को प्रेरित करें यह सरपंचाें की नैतिक जिम्मेवारी भी है।
उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर पटवारी, सरपंच, ग्राम सचिव और एडीओ की टीमें बना कर अपने अधीनस्थ क्षेत्रों का दौरा करें। इसके साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने वाले व्यक्तियों की सूची लेकर उन्हें भी इस अभियान में शामिल करें और कहें कि पराली न जलाने बारे अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। उन्होंने पटवारियों, नंबरदारों और ग्राम सचिवों को निर्देश दें कि पराली जलाने वाले व्यक्तियों की तुरंत सूचना प्रशासन को दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर तहसीलदार छोटू राम भाखर, नायब तहसीलदार रामचंद, मार्केट कमेटी के सचिव मेजर सिंह सिधू, पंचायत अधिकारी बडागुढ़ा नंद लाल, पंचायत अधिकारी ओढां भूप सिंह आदि उपस्थित रहे।