अमर उजाला ब्यूरो
कालांवाली।
शहर के दो उपभोक्ताआें ने ओबीसी (ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स) का लोन नहीं चुकाया तो बैंक ने प्रशासन के सहयोग से डिफाल्टर उपभोक्ताओं के मकान सील कर दिए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामचंद्र की देखरेख में भारी पुलिस बल के साथ बैंक अधिकारियों ने दोनों उपभोक्ताओं के मकानों को ताला लगाकर सील कर दिया।
ओबीसी की शाखा कालांवाली के मैनेजर प्रवीन कुमार व प्राधिकृत अधिकारी सोम प्रकाश सेतिया ने बताया कि उपभोक्ता बनारसी देवी निवासी कालांवाली ने वर्ष 2013 में मकान के लिए लोन के करीब 19 लाख रुपये और श्री बालाजी फैशन हाउस के नाम पर बनाई लिमिट के करीब साढे़ 21 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे न चुकाने पर बैंक ने पहले ही उपभोक्ताओं को डिफाल्टर घोषित कर दिया था। इसके अलावा गीता रानी निवासी कालांवाली ने वर्ष 2009 में मकान के लिए लोन के करीब 10 लाख रुपये और वर्ष 2013 में हैप्पी फर्नीचर हाउस के नाम पर बनाई लिमिट के करीब 35 लाख रुपये न चुकाने पर बैंक ने उन्हें भी पहले ही उपभोक्ताओं को डिफाल्टर घोषित कर दिया था जिस पर बैंक की ओर से कब्जा छुड़वाने वाली कंपनी एएए कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कपंनी नई दिल्ली के सुभाष आर्य के सहयोग से कार्रवाई की गई।
बैंक ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मकान पर ताला जड़ दिया और मकान को सील कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने मकान मालिकों को नोटिस भी दिया था लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं करवाई। इसके चलते बैंक द्वारा उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई। इस मौके पर एडवोकेट गुरप्रीत सिंह, एडवोकेट योगेश कुमार, सब इंस्पेक्टर ओम प्रकाश, एएसआई लीलू राम, सतबीर सिंह,भरत कुमार, बलबीर सिंह, गुरमेल सिंह आदि मौजूद रहे।
नहीं चुकाया ऋण तो बैंक ने मकानों को किया सील