11272 people cancled Ayushman card due to not being biometric
- फोटो : Sirsa
जिले के करीब 11 हजार 272 आयुष्मान कार्ड बायोमेट्रिक न होने के कारण रद्द कर दिए गए हैं, वहीं अभी तक केवल 86,397 लोगों के कार्ड बन चुके हैं। जिन लोगों के कार्ड रद्द हुए हैं उन्हें दोबारा बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में 59 सक्षम युवाओं को आयुष्मान कार्ड को लेकर प्रशिक्षण दिया है। विभाग ने उपायुक्त से करीब 100 सक्षम युवाओं इस कार्य में लगाने की मांग की थी।
बाता दें कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा के तहत सीएम सूची में नाम आने वाले लोगों का इलाज मुफ्त में किया जाता है। जिले में आयुष्मान के तहत अभी तक 29 अस्पताल पैनल में हैं जो मुफ्त में इलाज करते हैं। वहीं सिरसा में करीब चार लाख दो हजार 301 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने थे। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग केवल 97 हजार 664 लोगों के ही कार्ड बन पाया है। कार्ड बनने के बाद करीब 11 हजार 272 लोगों के कार्ड विभाग ने यह कहते हुए रद्द कर दिए कि जो कार्ड बनाए गए हैं उनमें बायोमैट्रिक हाजिरी नहीं लगी है। आयुष्मान कार्ड में बायोमैट्रिक का नियम करीब तीन पहले आया था और इससे पहले केवल पीएम सूची में नाम आने के बाद आधार कार्ड व राशन कार्ड के आधार पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए जाते थे।
विभाग आशा वर्कर्स और सक्षम युवाओं का ले रहा सहारा
आयुष्मान कार्ड के बारे में ग्रामीण लोगों को जानकारी देने के लिए विभाग के पास पहले 34 सक्षम युवा थे, जो लोगों के घरों में जाकर कार्ड बनवाने के बारे में जानकारी देते थे। लेकिन मुख्यालय की ओर से मिले आदेशों के अनुसार 31 मार्च तक जिले के सभी चार लाख दो हजार 301 लोगों के कार्ड बन जाने चाहिए। जिसको देखते हुए विभाग ने उपायुक्त से करीब 100 सक्षम युवाओं को बुलाने के लिए पत्र भेजा था। जिस पर विभाग के पास मंगलवार को करीब 59 सक्षम युवा अस्पताल में पहुंचे और आयुष्मान विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद शर्मा तथा सीएमओ सुरेंद्र नैन ने सभी को प्रशिक्षण दिया। जिले में सभी आशा वर्कर्स को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है कि वह भी लोगों को घरों में जाकर आयुष्मान के प्रति जागरूक करें और जिनके कार्ड नहीं बने हैं उनके कार्ड अपने नजदीकी सीएचसी केंद्र पर बनवाएं। वहीं जिन लोगों के कार्ड रद्द हो गए हैं वह नजदीकी सीएचसी सेंटर में जाकर अपना बायोमैट्रिक करवा सकते हैं। जिससे उनका कार्ड एक्टिव हो जाएगा और वह अपना इलाज करवा सकेंगे।
विभाग ने इलाज के पैसे अस्पताल को भेजे
स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड के तहत जिन लोगों ने अपना इलाज करवाया था। उनके पैसे निजी अस्पताल के खातों में जमा करवा दिए हैं। जानकारी के अनुसार अभी तक 3,632 लोगों ने अपना इलाज निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड द्वारा करवाया है। जिसका बिल करीब पांच करोड़ 19 लाख 1396 रुपये बनता है। जो विभाग ने अस्पताल के खातों में डाल दिए हैं।
अभी तक जिले में करीब 25 प्रतिशत लोगों के कार्ड बनाए गए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए सक्षम युवाओं को बुलाया गया है और आशा वर्कर्स को भी प्रशिक्षण दिया गया है। जो लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बायोमैट्रिक न होने के कारण यह कार्ड रद्द हुए हैं। जब लोग अपनी बायोमैट्रिक करवा लेंगे तो उनका कार्ड एक्टिव कर दिया जाएगा। -डॉ. प्रमोद शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान विभाग।