बीपीएड की मान्यता को लेकर छात्रों ने वीसी का दो घंटे किया घेराव
सिरसा। सीडीएलयू में बीपीएड और डीपीएड की मान्यता न मिलने को लेकर शुक्रवार को छात्रों ने वीसी कार्यालय का घेराव किया। करीब दो घंटे तक छात्र वीसी कार्यालय के अंदर बैठे रहे। छात्र मान्यता न मिलने की दलीलों से संतुष्ट न हुए तो वीसी विजय कायत जाने लगे तो छात्र उनकी कार के आगे लेट गए। पुलिस ने मौके पर आकर करीब आधे घंटे बाद वीसी की गाड़ी को निकाला। सीडीएलयू को 2007 से बीपीएड और डीपीएड की मान्यता नहीं मिली। छात्र 27 अगस्त से धरने पर बैठे थे। सीडीएलयू के कुछ छात्रों को दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नौकरी में चयन होने पर उनकी डिग्री को मान्यता न मिलने पर ज्वाइनिंग नहीं करवाई।
शुक्रवार को छात्र दस बजे एडम ब्लाक में जमा होना शुरू हुए। छात्र 11 बजे वीसी कार्यालय के अंदर घुस गए। वीसी के सुरक्षाकर्मचारी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन छात्र जगसीर मान अन्य छात्रों के साथ उसे धकेल कर अंदर प्रवेश कर गए। छात्रों ने मान्यता को लेकर वीसी से सवाल शुरू कर दिए। छात्र जगसीर मान, अनिल कसवां, अमृतमान, प्रमोद जांदू, कर्ण कसवां, दयानंद शर्मा ने कहा कि सीडीएलयू ने 6 व सात सितंबर तक मान्यता दिलाने की बात कही थी। लेकिन मान्यता नहीं मिली। छात्रों ने कहा कि प्रोफेसर दो दो लाख रुपये वेतन ले रहे हैं। वीसी ने छात्रों से कहा कि एमपीएड कोर्स को मान्यता है। बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के पोर्टल पर सीडीएलयू का नाम दर्ज हो गया है। मिनिस्ट्री ने समस्या टेक अप कर ली है। मान्यता के लिए प्रोसेस चल रहा है। लेकिन छात्र वीसी के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हुए। सीडीएलयू के कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच और चेयरपर्सन मोनिका वर्मा ने भी छात्रों को पूरी प्रकरण से अवगत करवाया। करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों में तर्क वितर्क चलते रहे। मामले का पटापेक्ष न होते देख वीसी विजय कायत दोपहर एक बजे अपनी कुर्सी से उठकर चल दिए। लेकिन नाराज छात्र उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। छात्रों ने करीब आधे घंटे तक उनकी गाड़ी का घेराव किया। भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो वीसी की गाड़ी वहां से निकाली गई। लेकिन इस दौरान छात्र हूटिंग करते रहे।
कोट्स
हमने मान्यता के लिए पूरी प्रकिया पूरी कर दी। मान्यता न मिलने का मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। मान्यता के लिए रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच को दिल्ली भेजा गया। मानव संसाधन मंत्रालय ने पत्र भी दिया है कि लोकसभा में बिल पास करके सभी विश्वविद्यालयों को एनसीटीई से मान्यता दिलाई जाएगी। जिसमें सीडीएलयू भी शामिल है। हमने छात्रों को उस पत्र का जिक्र भी कर दिया। लेकिन कुछ बाहरी लोग छात्रों को भड़का रहे हैं।
विजय कायत, सीडीएलयू,
फोटो 14 से 22