केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी सैलजा और प्रदेश के
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रानियां विधानसभा सीट की वजह से एक बार
फिर आमने-सामने हो गए हैं।
हुड्डा जहां सार्वजनिक मंच पर रानियां
से चौ. रणजीत सिंह की सीट पक्की कर चुके हैं, वहीं, शनिवार को सैलजा ने कहा
कि वे रानियां से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पूर्व मंत्री
जगदीश नेहरा का पुरजोर समर्थन करेंगी। वे शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस
कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा के आवास पर पत्रकारों से
बातचीत कर रही थीं। इससे पहले भी सैलजा विकास में भेदभाव का आरोप लगाते हुए
सीएम पर निशाना साध चुकी हैं।
रानियां से मुख्यमंत्री पार्टी
उम्मीदवार के तौर पर चौ. रणजीत सिंह के नाम की घोषणा कर चुके हैं वहीं
पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। इस दौरान सैलजा
ने कहा कि हरियाणा में विकास के मामले में भेदभाव हो रहा है। उनकी किसी से
कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन अपने क्षेत्र के विकास की बात उठाना
कहीं गलत नहीं है। वे समय-समय पर पार्टी और सार्वजनिक स्तर पर विकास के
मुद्दों पर अपनी बात रखती रही हैं।
उन्होंने पूर्व मंत्री जगदीश
नेहरा जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा
कि नए लोग भी शामिल होते हैं, उनके साथ-साथ पुराने लोगों का भी पूरा
मान-सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिरसा में नेहरा और उनके अनेक
वरिष्ठ साथी लंबे समय से कांग्रेस की विचाराधारा के साथ काम कर रहे हैं।
अगला चुनाव भी अंबाला से लड़ूंगी : सैलजा
सैलजा
ने कहा कि 2014 में होने वाले आम चुनाव पर हाल ही में हुए पांच राज्यों के
चुनाव परिणाम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि ये चुनाव बिल्कुल अलग
होंगे और इनके मुद्दे भी अलग होंगे। उन्होंने दावा किया कि 2014 के चुनाव
में कांग्रेस फिर सत्ता में आएगी। उन्हाेंने कहा कि पांच राज्यों के
विधानसभा चुनाव में उजागर हुई कमजोरी को दूर कर 2014 का लोकसभा चुनाव
कांग्रेस मजबूती के साथ लडे़गी। वे अगला चुनाव भी अंबाला से ही लडे़ंगी।
उनके साथ उकलाना के विधायक नरेश सेलवाल और जगन्नाथ भी मौजूद रहे।
आप से इतनी उम्मीद नहीं थी
एक
सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिल्ली में ‘आप’ के इतने बेहतरीन
प्रदर्शन का अंदाजा नहीं था, लेकिन यह राजनीतिक उतार-चढ़ाव हैं, जो चलते
रहते हैं। उन्होंने कहा कि जहां पर भी कमियां रही हैं उन पर समीक्षा की
जाएगी। सैलजा ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से एक प्रस्ताव पारित करवाकर
निशक्तजनों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया गया है। मैला प्रथा
को समाप्त करने के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर हैं और इसके लिए विशेष प्रभावी
कानून बनाकर राज्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर जसबीर सिंह
रियाड़, प्रभु राम बेनीवाल, लादू राम पूनिया, ओमप्रकाश केहरवाला, सुरेंद्र
नेहरा, गुरनाम सिंह झब्बर, प्रेम शर्मा, दीपक कौशल, जग्गा सिंह, इंद्र जैन,
उर्मिला भारद्वाज, संगीत कुमार, सुमित्रा यादव और कुलवंत कौर मौजूद थे।