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स्कूली बच्चों की होगी काउंसलिंग

Wed, 04 Dec 2013 11:03 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। प्रार्थना सभा में उन्हें  ‘अच्छे-बुरे’ का ज्ञान कराया जाएगा। जैकमपुरा स्कूल की छात्रा की मौत के बाद शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने इस बाबत बृहस्पतिवार को सभी प्राचार्यों की बैठक बुलाई है।
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मंगलवार को जैकमुपरा स्कूल में 11वीं की छात्रा ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। यह अपनी तरह का पहला मामला था। इस हादसे ने शिक्षा विभाग को छात्रों की निगरानी करने के लिए मंथन करने पर मजबूर कर दिया है।

डीईओ वंदना गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि यह अचानक हुई घटना है। इसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। छात्रा ने किन मजबूरियों में यह कदम उठाया, यह जांच का विषय है।
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आगे से कोई बच्चा इस तरह का कदम न उठाए, इसके लिए काउंसलिंग की जाएगी। हालांकि स्कूलों में बच्चों को लगातार उनकी बेहतरी का पाठ पढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। बृहस्पतिवार को प्राचार्यों की बैठक में खास निर्देश जारी किए जाएंगे।


छात्रा को दी श्रद्धांजलि
जैकमपुरा स्कूल में मृतक छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। प्रार्थना सभा के दौरान प्राचार्या शील कुमारी की अगुवाई में सभी स्टाफ सदस्यों और छात्राओं ने दो मिनट का मौन रख उसकी आत्मा के लिए शांति की कामना की। मंगलवार को हुई घटना के बाद स्कूल में और दिनों की अपेक्षा छात्राओं की संख्या कम रही। स्कूल में अलग तरह का माहौल दिखाई दिया। स्कूल प्रांगण में बुधवार को कोई खास हलचल नहीं थी।  

परेशानी का सबब बन गया था रविंद्र
मामले के जांच अधिकारी समसुद्दीन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी रविंद्र को अदालत में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ की जाएगी। लड़की के पिता ने रविंद्र पर जहर उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। हालांकि रविंद्र ने अभी तक यह बात नहीं कबूली है। समसुद्दीन ने बताया कि मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनकी पड़ोस में रहने वाला रविंद्र परिवार के लिए परेशानी का सबब बन गया था। पिछले तीन साल से वह उसकी बेटी से नजदीकियां बढ़ा रहा था। कई बार समझाने के बाद भी वह बाज नहीं आ रहा था। इस कारण गांव से लेकर रिश्तेदारियों तक में परिवार की खासी बदनामी हो रही थी। गांव के मौजिज लोगों की मौजूदगी में उसे लड़की का पीछा छोड़ने के लिए कहा गया था। उसने उसकी बेटी को मरने के लिए मजबूर कर दिया। समसुद्दीन ने बताया कि विसरा जांच के लिए मधुबन लैब भेजा गया है।
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